BIHAR NEWS : दवाओं के दलाल के बाद "चिताओं के सौदागर", लाशें बढ़ीं तो लकड़ी के दाम किए दोगुने

BIHAR NEWS : दवाओं के दलाल के बाद "चिताओं के सौदागर", लाशें बढ़ीं तो लकड़ी के दाम किए दोगुने

PATNA : कोरोना महामारी लोगों के लिए आपदा है, वहीं कुछ लोगो ऐसे भी हैं, जिनके लिए यह विपदा एक मौका बन गया है। अब तक यह बात सामने आ रही थी कि अस्पताल और दवा दुकानदार ही दवाओं की ब्लैक मार्केटिंग कर कर रहे थे, लेकिन अब मरने वाले लोगों के परिजनों से श्मशान में भी लाशें जलाने के लिए भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। राजधानी पटना में लकड़ी विक्रेताओं ने कीमत लगभग दोगुनी कर दी है, जिसके कारण नगर निगम ने बिहार से लकड़ियों की खरीदी करने की जगह पश्चिम बंगाल से इसकी आपूर्ति करने का फैसला लिया है। 

श्मशान घाटों में जिस तरह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए सरकार ने कोरोना से मारे गए लोगों का फ्री अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है। नगर निगम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है,लेकिन इसमें सबसे ज्यादा परेशानी पर्याप्त लकड़ियों की व्यवस्था करना है। बताया गया कि बढ़े डिमांड को देखते हुए राजधानी में चिता में जलाई जानेवाली लकड़ियों की कीमत बढ़ा दी है। ऐसे में जरुरत पूरी करने के लिए नगर निगम ने सिक्किम, सिलीगुड़ी और कोलकाता से 300 टन लकड़ियां मंगाई है। सोमवार तक पटना के गुल्बी घाट पर 20 टन और खाजेकलां घाट पर 250 टन लकड़ी की व्यवस्था की गई है। वहीं, 50 टन और लकड़ी मंगलवार को घाट पर पहुंच जाएगी। अब इन्हीं बाहर की लकड़ियों पर कोविड से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। नगर आयुक्त का कहना है कि लकड़ियों का दाम बढ़ा दिया गया है, जिससे बाहर से लकड़ियां मंगाई जा रही हैं।

 कोरोना से मरे मरीजों के लिए रिजर्व हुआ बांस घाट

नगर निगम ने पटना के सबसे व्यस्त बांस घाट को सिर्फ कोरोना से मरे लोगों के लिए रिजर्व कर दिया है। यहां अब बांस घाट पर सामान्य मौत के लिए अंतिम संस्कार नहीं होगा। सोमवार से इस पर बैन लगा दिया गया है। विकल्प के तौर पर गुल्बी घाट, खाजेकलां घाट और नंदगोला घाट पर कोविड एवं अन्य परिस्थितियों में सामान्य मृत व्यक्तियों की भी अंत्येष्टि की व्यवस्था की जाएगी। नंदगोला घाट पर अंत्येष्टि के लिए व्यवस्था तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां हेल्प डेस्क भी शुरू की जा रही है।


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