BIHAR NEWS: लाखों की लागत से बने स्वास्थ्य उपकेंद्र में रह रहे मवेशी, कभी-कभार गांव में आती हैं नर्स

BIHAR NEWS: लाखों की लागत से बने स्वास्थ्य उपकेंद्र में रह रहे मवेशी, कभी-कभार गांव में आती हैं नर्स

KHAGARIA: खगड़िया सदर प्रखण्ड के रहीमपुर मध्य पंचायत के अंतर्गत नन्हकू मंडल टोला का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर, यानी कि स्वास्थ्य उपकेन्द्र, बराबर बंद रहता है।  इस 6 बेड के स्वास्थ्य उपकेन्द्र में निबंधन काउंटर, दवा वितरण काउंटर, जांच घर,लकवा मस्तिष्क अघात कक्ष, व कमरा है। फिलहाल यह सब ताले के पीछे बंद है। ताला भी ऐसा मजबूत कि कोरोना महामारी भी इसे खोल नहीं पाई।

कोरोनाकाल में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य पदाधिकारियों की विभिन्न इलाकों में बदली के चलते कोरोना काल में भी यहां कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के उदासीनता के कारण लाखों की लागत से निर्मित स्वास्थ्य उपकेन्द्र सिर्फ देखने की वस्तु भर रह गया है। रहीमपुर मध्य पंचायत के नन्हकू मंडल टोला वार्ड नं 10 में यह स्वास्थ्य उपकेन्द्र है जहां सर्वाधिक अनुसूचित जाति के गरीब-मजदूर तबके के लोग बसे हुए हैं। अगर यहां किसी की तबीयत बिगड़ती है तो उन्हें शहर आना पड़ता है। इस स्वास्थ्य उपकेंद्र में बराबर ताला लटका रहता है। यहां कोई चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य कर्मचारी भी प्रतिनियुक्त नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक यहां एक नर्स पदस्थापित हैं जो कभी कभार आ जाती हैं। फिलहाल इस स्वास्थ्य उपकेंद्र का इस्तेमाल ग्रामीण मवेशी बांधने के लिए करते हैं। यहां के स्वास्थ्य उपकेंद्र को लोगों ने अपने हिसाब से इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है।

इस संबंध में जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष का कहना है कि वर्तमान में डॉक्टरों की कमी के वजह से उपकेंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था सही तरीके से सुदृढ़ नहीं है। प्रयास यही है कि जल्द से जल्द मैनपॉवर के साथ इसे शुरू कर दिया जैएगा। सरकार भी डॉक्टरों की बहाली के लिए प्रयासरत है। डीएम ने कहा कि उन्होनें सिविल सर्जन सहित सीओ को निर्देशित किया है कि जिन स्वास्थ्य उपकेंद्र में अतिक्रमण है, उन्हें जल्द से जल्द खाली कराया जाए। 

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