BIHAR NEWS: 4 विभाग और एजेंसियों की बदौलत नारकीय स्थिति में छपरा, दोपहिया चालकों और राहगीरों की जद्दोजहद का नहीं कोई अंत

BIHAR NEWS: 4 विभाग और एजेंसियों की बदौलत नारकीय स्थिति में छपरा, दोपहिया चालकों और राहगीरों की जद्दोजहद का नहीं कोई अंत

CHHAPRA: छपरा नगर निगम क्षेत्र में एक साथ कई योजनाएं चल रही हैं। इनमें नल-जल योजना, जीयो टेलकम, नमामी गंगे और पाइपलाइन गैस योजना आदि शामिल हैं। लोगों ने सोचा कि योजना चल रही है तो लाभ भी मिलेगा, मगर हुआ ठीक इसके विपरीत। शहर में सरकारी काम करने वाली एजेंसियों ने सड़कों पर गड्ढे खोदकर शहर का कुछ इस तरह से सत्यानाश किया है कि शहरवासी अब रोज दुर्घटनाओं से गुजर रहे हैं। अब महज कुछ घंटे की ही बारिश हो जाती है शहर की सूरत नारकीय हो जा रही है। इतना ही नहीं यह भी पता नहीं चलता कि सड़क कहां है और गड्‌ढे कहां है? शहर का शायद ही ऐसा कोई वार्ड है जहां की सड़कों पर जलजमाव न हो। 

वहीं निगम के अधिकारी हैं कि वे कार्यालयों में दुबके हुए हैं। उन्होंने शहर में भ्रमण कर समस्याओं का निराकरण करना भी उचित नहीं समझा है। सन 1864 में बने इस नगरपालिका क्षेत्र की समस्याएं 156 साल में भी जस की तस है। यानी 156 साल में भी इस नगरपालिका क्षेत्र का न तो विकास हुआ और न ही इनकी समस्याएं दूर हुईं। अभी की स्थिति काफी भयावह हो गई है। न तो शहर की जलनिकासी की व्यवस्था हुई है और न ही  नालों की उड़ाही पूरी हुई है। अभी लॉकडाउन का समय था आसानी से हर जगह नालों की उड़ाही का कार्य हो जाता, पर अफसर तो इसे बरसात में ही शुरू कराएंगे ताकि नालों का कचरा नालों में ही बहकर चला जाए और खर्च का भाउचर तैयार हो जाए। मजदूरी और तेल का खेल नगर निगम में कई वर्षों से होता है।


खोदे गए गड्‌ढों को भरने में भी भ्रष्टाचार

नयी-नयी सड़कों को एजेंसियों ने कबाड़ दिया है। विभागीय नियम के अनुसार सड़क को तोड़ने के बाद कार्यकारी एजेंसी को फिर से बनाना होता है, ताकि वो पहले की तरह हो जाए, पर ऐसा एजेंसियों के द्वारा नहीं किया जा रहा। आदेश को ठेंगा दिखाते हुए गड्‌ढे में मिट्‌टी डाल उपर से गारा-सीमेंट की चिप्पी लगा दी जा रही है। यानि इसमें भी जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। शहर के गुदरी शेखटोली मोहल्ले में इस तरह के कार्य को आसानी से देखा जा सकता है। इस तरह के हालात केवल इसी वार्ड में नहीं बल्कि सभी 45 वार्ड में इसमें करोड़ों रूपये का घपला किया जा रहा है।

कहीं दो फीट तो कहीं तीन फीट जलभराव 

बारिश के कारण निगम क्षेत्र के सभी वार्ड और उनकी गलियां डूब चुकी हैं। स्थिति यह है कि लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं। निगम क्षेत्र में कुल 45 वार्ड हैं, पर ऐसा एक भी वार्ड नहीं है जहां की सड़कों पर नालें का पानी उफन कर नहीं बह रहा है। हर गली-मोहल्ले डूब चुके हैं। शहर के गुदरी बाजार स्थित पुलिया के ढ़क्कन को नगर निगम के सफाइकर्मियों ने खोल कर छोड़ दिया है। नतीजा यह हुआ कि बारिश हुई और जलजमाव से सड़क व पुलिया एक समान हो गए। राहगीरों को खुले हुए पुलिया के बारे में जानकारी भी नहीं हो रहा था और एक-एक कर चार बाइक सवार 10 फीड गड्‌ढे इस पुलिया में डूब गए। यह तो गनीमत थी कि दुकानदारों की नजर पड़ गयी और उन्होंने चारों बाइक सवारों को निकाला। 

डबल डेकर निर्माण कार्य से और बढ़ी परेशानी

शहर में जो एक-दो सड़कें दुरूस्त थी और जिनसे होकर घर पहुंचा जा सकता था उनको डबलडेकर निर्माण करने वालों ने बर्बाद कर दिया है। उन सड़कों पर तेजी से निर्माण कार्य हो रहा है। सड़कों पर निर्माण मशीन खड़े कर दिए गए हैं। निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड़्ढे के मिट्‌टी सड़कों पर कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं। इससे आम लोगों में अधिक नाराजगी हो गयी है। इसकी मिट्‌टी बहकर नालों को भी जाम कर दिया है।

पूरे मामले पर क्या बोलें निगमायुक्त

छपरा नगर निगम के निगमायुक्त संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि शहर के नालों की सफाई युद्ध स्तर पर चल रही है। नए-नए मशीन मंगाए गए हैं। पतले से पतले नाले में भी यह काम कर रहा है। शहर के हर नाले की सफाई करा ली जाएगी। शेड्यूल के अनुसार सारा कार्य चल रहा है।


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