BIHAR NEWS: अलीगढ़ जेल में बंद महिला कैदी लौटेगी घर, दो जजों की पहल से लौटी वापसी की उम्मीद

BIHAR NEWS: अलीगढ़ जेल में बंद महिला कैदी लौटेगी घर, दो जजों की पहल से लौटी वापसी की उम्मीद

NALANDA: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिला कारागार में बंद महिला कैदी को उसके परिवार तक पहुंचाने के लिए दो जज द्वारा शुरू की गयी मानवीय पहल रंग लाने लगी है। महिला के पिता और घर का पता चल चुका है। पिता उसे रखने के लिए भी तैयार हो गए हैं। जल्द ही उक्त महिला कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त होकर अपने पिता के पास आ सकेगी। उक्त महिला जुलाई 2019 से ही जिला कारागार अलीगढ़ में बंद है।

अलीगढ़ के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालीन सचिव दीपक कुमार मिश्र ने किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्रा से संपर्क कर महिला का पता उपलब्ध कराया था। दरअसल अलीगढ़ के जज दीपक मिश्र को जेजेबी जज मानवेन्द्र मिश्रा के कई मानवीय व चर्चित फैसलों की जानकारी थी। उन्होंने ही सहयोग मांगा ताकि महिला अपने परिवार के पास पहुंच सके। महिला ने अपना पता थरथरी प्रखंड के अस्ता खरजमा निवासी दुर्गेश प्रसाद की बेटी पुष्पलता के रूप में बताया था। श्री मिश्रा ने अपने सोर्स के माध्यम से पता का सत्यापन किया। जिसमें महिला द्वारा बताया गया पता सही निकला। दीपक मिश्र ने जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों ने सपंर्क साधा तो पिता पुत्री को साथ रखने के लिए तैयार हो गये हैं।

 एक बच्चे की मां है पुष्पलता 

जब पुष्पलता को जेल लाया गया था तब आठ माह की गर्भवती थी। उसकी मानसिक स्थिति भी सही नहीं थी। मानसिक चिकित्सालय वाराणसी में पुष्पलता का इलाज कराया गया। इलाज के बाद अक्टूबर 2020 को वह पुन: जेल लौटी। पुष्पलता को एक पुत्र पैदा हुआ था। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए बच्चे को शिशु सदन आगरा में  रखा गया है।

कैसे जेल पहुंची पता नहीं

पुष्पलता ने जज को बताया कि उसकी मानसिक स्थिति पूर्व में खराब थी। इलाज पहले भी चला था लेकिन वह कैसे और किन परिस्थिति में वह जेल पहुंच गयी उसे याद नहीं है। उसने यह भी बताया कि अब मानसिक स्थिति ठीक है। ससुराल का पता झारखंड के लातेहार जिला के गारू निवासी रविरंजन कुमार की पत्नी के रूप में बताया। जबकि मायके का पता नालंदा जिले के थरथरी प्रखंड का दिया।

परिवार वालों से मिलाने की लगायी थी गुहार 

उन्होंने प्राधिकार के सचिवदीपक कुमार मिश्र से प्रार्थना पत्र लिखकर कहा कि उसके परिवार का कोई कभी मिलने नहीं आया। आधार कार्ड खो गया है। उसने पति व माता-पिता से मिलवाने की गुहार लगायी। महिला की गुहार के बाद दीपक कुमार मिश्र ने जिले में संपर्क कर घर वालों तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की है । अब देखना यह है कि दोनों जजों की मुहिम कब रंग लाती है और कब नालंदा की बेटी की घर वापसी होती है ।

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