पूर्व मंत्री की CM नीतीश से बड़ी मांग - निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों का सरकार करे भुगतान

पूर्व मंत्री की CM नीतीश से बड़ी मांग - निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों का सरकार करे भुगतान

JAMUI : बिहार के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का खर्च सरकार वहन करे इसको लेकर बिहार के पूर्व कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उनका ध्यान कई विंदुओं की ओर आकृष्ट किया है। अपने पत्र में पूर्व कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह ने जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके पूर्व के पत्र में उल्लेख किए गए कई सुझावों पर अमल करने को लेकर साधुवाद दिया वहीं उल्लेख किया है कि निजी अस्पतालों में काफी महंगे खर्च पर कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज किया जा रहा है जो चिंता का विषय है। उन्होंने लिखा है कि सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों को तीन श्रेणी में बांटने का जो फैसला लिया है वो सराहनीय तो है किंतु उसमें जो मरीज इलाज कराने जाएंगे उसके लिए काफी महंगा खर्च वहन करना कहीं से भी संभव नहीं है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जिक्र किया है कि ‌आप आत्म चिंतन कर देखें कि बिहार के करोना पीड़ित परिवार इतना महंगा खर्च वहन करने में सक्षम है ? उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि निजी अस्पतालों में होने वाले खर्च को सरकारी कोष से पूर्ति की जाए तथा बिना विलंब किए जयप्रभा मेदांता अस्पताल में कोविड पीड़ित रोगियों का इलाज प्रारंभ कर दिया जाए। यह सिर्फ घोषणा मात्र नहीं रहे। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि ऑक्सीजन, जीवन रक्षक दवाएं और वेंटीलेटर की व्यवस्था सभी अस्पतालों में यथाशीघ्र की जाए। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए किए गए प्रयास को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा अन्य अधिकारी और सभी चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों को बधाई दी है।

केंद्र सरकार पर सौतेला व्यवहार का आरोप

केन्द्र सरकार पर वार करते हुए पूर्व कृषि मंत्री ने लिखा है कि करोना से पीड़ित लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा बिहार को समुचित मदद नहीं मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में राज्य तथा दूसरे प्रदेशों में या विदेशों में रह रहे बिहारी भाइयों से मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने की अपील करने को लेकर सीएम से अनुरोध किया। उन्होंने लिखा है कि इस महामारी से हो रहे नरसंहार से बचाने के लिए राज्य की कुछ योजनाओं को स्थगित भी करना पड़े तो उसे स्थगित कर उस राशि को कोविड-19 पीड़ित लोगों की सेवा में खर्च किया जाए यह मेरा सुझाव है। उन्होंने कहा कि इंसान की जान बचेगी तो समाज भी बचेगा। व्यापक पैमाने पर मासूम बच्चों तथा मां बहनों को उनका जीवन संभालने वाला सहारा भी बचेगा।

Find Us on Facebook

Trending News