BIHAR NEWS: लाचार सिस्टम, बेबस लोग, ठेले पर निकला इंसानियत का जनाजा !

BIHAR NEWS: लाचार सिस्टम, बेबस लोग, ठेले पर निकला इंसानियत का जनाजा !

GAYA: गया जिले के टिकारी के अनुमंडलीय अस्‍पताल की यह मार्मिक तस्वीर आई है. जहां इंसानियत का जनाजा ठेले पर निकला है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि लाचार और बेबस सिस्टम लोगों की सांसे तो छीन ही रहा है, साथ ही मौत के बाद ऐंबुलेंस तक मुहैया नहीं करा पा रहा है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ठेले पर शव नहीं, इंसानियत का जनाजा निकाला गया है.

कोरोना से मौत के बाद अंत्‍येष्टि होने तक शव की दुर्गति की खबरें आए दिन सामने आ रही हैं. अभी पड़ोसी जिले औरंगाबाद में कोरोना से मौत के बाद एंबुलेंस के बिना रातभर अस्‍पताल में शव छोड़ दिए जाने की घटना पुरानी भी नहीं पड़ी थी कि गया में ऐसी ही घटना हो गई. यहां कोरोना से मरने वाले व्‍यक्ति के लिए एंबुलेंस नहीं मिला तो उसे ठेले पर लादकर श्‍मशान तक पहुंचाया गया.

जिले के टिकारी के अनुमंडलीय अस्‍पताल में गुरुवार की सुबह एक कोरोना पॉजिटिव की मौत इलाज के क्रम में हो गई. मृतक के स्वजन ने बताया कि सुबह में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मरीज को अस्पताल ले जाया गया. वहां पहले कोविड-19 की जांच की गई. रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसके बाद इलाज शुरू किया गया. ले‍किन कुछ देर इलाज के दौरान ही व्यक्ति की मौत हो गई. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने स्वजनों को शव ले जाने को कहा. स्वजनों ने मृतक को पीपीई किट में लपेटने का आग्रह किया जिसे अस्पताल प्रशासन ने मान लिया.

पीपीई किट देने के बाद जब परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की तो अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए. इसके बाद निराश होकर स्वजनों ने ठेले का प्रबंध किया. ठेले पर ही स्वजन मृतक को अपने गांव के मोरहर नदी स्थित श्मशान घाट लेकर आए और उसका अंतिम संस्कार किया. मृतक प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत महमन्ना गांव का रहने वाला था. बता दें, मृतक का बड़ा भाई भी कोरोना पॉजिटिव है. 

कोरोना से हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इस तरह की तस्वीरें रोज ही देखने को मिल रही हैं. कहीं एंबुलेंस की कमी से एकसाथ 22 शवों को रखा जाता है, तो कहीं मरीज को खुद से ही मृतक को ले जाने को कह कर पल्ला झाड़ लिया जाता है. कोरोना काल ने सिस्टम की एक तरह से पोल खोलकर रख दी है और आम आदमी बीमारी के आगे लाचार और बेबस है.

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