BIHAR NEWS: अब ऑनलाइन मंगाया जा सकता है सूबे के गांव, कस्बों और मौजों का राजस्व मानचित्र, ऐसा करनेवाला बिहार देश का पहला राज्य

BIHAR NEWS: अब ऑनलाइन मंगाया जा सकता है सूबे के गांव, कस्बों और मौजों का राजस्व मानचित्र, ऐसा करनेवाला बिहार देश का पहला राज्य

पटना: सूबे के गांव, कस्बों व मौजों के राजस्व मानचित्र को अब ऑनलाइन मंगाया जा सकता है। विभाग के मंत्री रामसूरत कुमार के कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में मंत्री को इसकी जानकारी दी गई। मंत्री ने इस सुविधा को शीघ्र शुरु करने का निर्देश भू-अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह को दिया। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह भी उपस्थित थे। 

भू-अभिलेख निदेशक जय सिंह ने बताया कि बिहार में राजस्व मानचित्रों की डोर स्टेप डिलीवरी इसी महीने शुरू हो जाएगी। मैप की डिलीवरी के लिए डाक विभाग और बैंक के साथ बिहार सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा MOU पर हस्ताक्षर किया जा चुका है। सिक्यूरिटी ऑडिट भी हो चुकी है। इस सेवा के लिए बैंक अलग से कोई चार्ज नहीं लेने पर सहमत हो गए हैं। सभी प्रमुख बैंक इस सुविधा से जुड़े हुए हैं। डाक विभाग द्वारा जमीन मैप की डिलीवरी में स्पीड पोस्ट सेवा की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए पांच लाख बारकोड का आवंटन डाक विभाग द्वारा बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग को किया जा चुका है। हरेक कंटेनर पर बार कोड जेनेरेटेड स्टिकर लगाया जाना है। सुरक्षा के लिहाज से मैप को कंटेनर में रखकर रैयतों को उपलब्ध कराया जाना है। 

डाक विभाग द्वारा सर्वेक्षण कार्यालय को यह सुविधा डाक चार्ज नक़्शे के वजन के मुताबिक देय होगा। एक कंटेनर की कीमत 35 रुपये निर्धारित की गई है और एक कंटेनर में अधिकतम पांच नक्शों को पैक किया जा सकता है। तीन नक्शा समेत कंटेनर का डाक शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि तीन से ज्यादा नक्शे का डाक शुल्क 150 रुपया तय किया गया है। बिहार सर्वेक्षण कार्यालय, गुलजारबाग द्वारा कंटेनर की खरीद भी की जा चुकी है। कंटेनर में नक्शों को रखने का मकसद है की मुड़े-तुड़े नहीं। ऐसा होने पर मापी की शुद्वता प्रभावित हो सकती है।

नक्शे की ऑनलाइन डिलीवरी हेतु सबसे पहले भू-अभिलेख और परिमाप निदेशालय के वेबसाइट पर जाकर क्लिक करना होगा। पेज पर रैयत को जिला, राजस्व थाना एवं मौजा सेलेक्ट करने का ऑप्शन आएगा। संबंधित सेलेक्शन के अनुरुप उस गांव का नक्शा एक या एक से अधिक शीट में दिखाई देगा। एक बार में अधिकतम पांच शीट सेलेक्ट किया जा सकता है। जो भी शुल्क शीट, संख्या और वजन के मुताबिक निर्धारित है, वह साइट पर दिख जाएगा। पेमेंट गेटवे में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं यूपीआई से भुगतान की सुविधा दी गई है। फिलहाल नक्शा के लिए पूरे बिहार के लोग गुलजारबाग स्थित बिहार सर्वेक्षण कार्यालय पहुंचेत हैं। कभी-कभी यहां काफी भीड़ हो जाती है और काउंटर के सामने लंबी-लंबी कतारें लगने लगती हैं। इससे दलालों की भी पौ-बारह रहती है। सर्वेक्षण कार्यालय में एक शीट के 150 रूपये देने होते हैं। एक गांव का नक्शा एक शीट का भी हो सकता है और एक से अधिक शीट का भी।  भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा शाहाबाद के चार जिलों को छोड़ कर बिहार के बाकि 34 जिलों के सदर अंचलों में प्लॉटर का अधिष्ठापन किया गया है। इन प्लॉटरों के जरिये ।0 साईज के बड़े पन्नों पर गांव का नक्शा प्रिंट किया जाता है। हर जिले में अधिष्ठापित प्लॉटर के जरिये बाकि जिलों का भी नक्शा उपलब्ध कराया जाता है, जबकि गुलजारबाग, सर्वेक्षण कार्यालय में पूरे सूबे का नक्शा मिलता है। विभाग के मंत्री राम सूरत कुमार ने बताया कि विभाग के इस कदम से लोगों को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में प्लॉटर के जरिए नक्शों की आपूर्ति पूर्व की भांति जारी रहेगी साथ ही भू मानचित्र सॉफ्टवेयर के जरिए रैयत ए4 साइज के कागज में फ्री में प्रिंट कर सकते हैं।


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