BIHAR NEWS: स्वास्थ्य विभाग का कारनामा, जिंदा डॉक्टर को किया मृत घोषित, सबूत मिलने पर हड़बड़ाया प्रशासन

BIHAR NEWS: स्वास्थ्य विभाग का कारनामा, जिंदा डॉक्टर को किया मृत घोषित, सबूत मिलने पर हड़बड़ाया प्रशासन

MOTIHARI: मोतिहारी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। स्वास्थ्य कर्मियों ने जिंदा डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया है। उक्त डॉक्टर ने जब एलआईसी और जीपीएफ का दावा किया तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएस ने मामले के जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया। मामला मोतिहारी जिला के छौड़ादानो प्रखंड के बेला अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का बताया जा रहा है।

जनकारी के अनुसार मोतिहारी के छौड़ादानो प्रखंड के बेला अतरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अमृता पोस्टेड थी। वर्ष 2013 में 18 मार्च को वीआरएस लेकर डाक्टर विदेश चली गई। अभी वह वर्तमान में ओमान में है। उन्होनें सीएस सहित पदाधिकारी को पत्र भेजकर बताया है कि अस्पताल क्लर्क द्वारा उनका जीपीएफ व एलआईसी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया गया है। डॉक्टर अमृता ने सीएस को लिखे पत्र में जीवित होने की साक्ष्य भी दिया है। जिसमें बताया गया है कि मुम्बई में उसके परिवार के लोग रहते हैं। वह अभी वर्तमान में ओमान में रहती हैं।

डॉक्टर अमृता जयसवाल के दावे कर बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएस अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ने दावे की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। जांच टीम के अनुसार डॉ अमृता ओमान में है। उसका बैंक खाता नम्बर पटना के है। आधार नम्बर 2020 में मुम्बई में बना है। वाट्सएप नम्बर दिल्ली का है। जांच टीम ने छौड़ादानो अस्पताल प्रभारी व स्थापना लिपिक से पूछताछ की गई। सीएस ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की डॉक्टर जयसवाल द्वारा किया जा रहा दावा सही है या गलत। दावा अगर सही है तो दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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