BIHAR NEWS: कैसे थमेगा संक्रमण! पंचायतों में नहीं होती कोविड जांच, एक महीने में 50 लोगों की हुई मौत, अधिकारी हैं अनभिज्ञ

BIHAR NEWS: कैसे थमेगा संक्रमण! पंचायतों में नहीं होती कोविड जांच, एक महीने में 50 लोगों की हुई मौत, अधिकारी हैं अनभिज्ञ

KAIMUR: वैश्विक महामारी कोरोना दहशत मचा रखी है। इसी बीच कैमूर जिले के खजुरा पंचायत में एक माह में 50 लोगों की मौत से दहशत फैल गयी है। खजुरा पंचायत के मुखिया के अनुसार इस पंचायत में एक माह में 50 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें 36 लोगों का आंकड़ा मुखिया ने मीडिया को सौंपा। साथ ही अपने पंचायत में कोविड का जांच नहीं होने का भी लगाया आरोप। 

स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है तबेला

खजुरा पंचायत में दो उप स्वास्थ्य केंद्र और एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र है। दुर्गावती प्रखंड के खजुरा पंचायत का कर्मनाशा का उप स्वास्थ्य केंद्र अब तबेले में तब्दील है। ग्रामीण परिसर में मवेशी बांधते हैं और कमरे में भूसा रखे हुए हैं। खजुरा पड़ाव का उप स्वास्थ्य केंद्र बना तो है लेकिन वहां पर ना तो एएनएम जाती है और ना ही चिकित्सक बैठते हैं। जिससे ग्रामीण निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हैं। वहीं कुल्हड़िया गांव में बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र टीकाकरण को छोड़कर किसी कार्य के लिए ना तो एनएम जाती है ना ही चिकित्सक जाते हैं। ऐसे में लोगों या तो दुर्गावती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है या फिर निजी क्लीनिक के सहारे रहना पड़ता है। 

मुखिया ने माना- हालात बेहद खराब, प्रभारी के पास जांच का वक्त नहीं

खजुरा पंचायत के मुखिया सौरभ पासवान बताते हैं कि कोरोनाकाल में पंचायत की स्थिति बहुत खराब है। खजुरा पंचायत क्षेत्र में लगभग 50 लोगों की मौत लगभग एक महीने में हो चुकी है। किसी की भी जांच नहीं हुई, जिससे यह पता लगा पाना मुश्किल है कि मौत कोरोना से हुई है या दूसरी बीमारी से। दो-चार लोगों का सांस फूलने का और खांसी का लक्षण था। मुखिया ने दुर्गावती अस्पताल के प्रभारी को मौतों की जानकारी दी थी। इस मुद्दे पर प्रभारी का कहना था कि समय की कमी के वजह से हम टीम को भेज कर जांच नहीं करा सकते, आप अस्पताल भेजिए वहां जांच हो जाएगा। मेरी जानकारी में जांच टीम कभी पंचायत में नहीं आई है। अगर आई भी होगी तो आधा घंटा से अधिक नहीं रुकी होगी। 

दुर्गावती PHC के प्रभारी मामले से अनभिज्ञ

दुर्गावती के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डाक्टर शांति कुमार मांझी बताते हैं कि मेरी जानकारी में नहीं है कि मेरे प्रखंड के किसी भी पंचायत में इतनी अधिक मौतें हुई है। ग्राउंड लेवल पर स्वास्थ्य विभाग के लोग मौजूद हैं। किसी ने भी ऐसी रिपोर्ट अभी तक नहीं दिया गया है। कोरोना जांच के लिए रोस्टर बना है लगातार पंचायतों में टीम भेजा जा रही है। अगर मुखिया जी अपने पंचायत में मौत की बता रहे हैं तो गांव में टीम भेजकर जांच करायी जाएगी। खजुरा पंचायत में दो स्वास्थ्य केंद्र है जो चालू हालत में है। वहां ANM जाती है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी कराएंगे डाटा की जांच

दुर्गावती के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि- मुखिया जी क्या बोले हैं, उस पर मैं कमेंट नहीं कर सकता। कोविड टेस्ट जितने भी प्रखंड क्षेत्र में होता है सब की सूची हमारे पास चली आती है। बावजूद इसके, इतनी मौत की सूची अभी तक कहीं से भी पूरे प्रखंड में नहीं आया है। लगातार पंचायतों में कोविड टीम जा रही है। मेरा प्रखंड यूपी से सटा हुआ है, लोग बीमार होते है तो लोग यूपी चले जाते हैं। अगर यूपी के तरफ कोई घटना घटी होगी तो मैं बता नहीं सकता। मुझे आप लोगों द्वारा डाटा दिया गया है मैं उसका जांच कराता हूं। आप लोग द्वारा जो आंकड़ा मरने वालों का दिया गया है उसको मैं एक-एक घर में वेरीफाई कराऊंगा और जांच भी करा लूंगा।

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