BIHAR NEWS: बाढ़ के संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कर ली मुकम्मल तैयारी, डीएम खुद संभाल रहे हैं मोर्चा

BIHAR NEWS: बाढ़ के संभावित खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कर ली मुकम्मल तैयारी, डीएम खुद संभाल रहे हैं मोर्चा

BHAGALPUR: बिहार में बाढ़ का आना कोई नई बात नहीं है। हर साल बिहार के कई क्षेत्रों में बाढ़ आती है। हर साल लोगों के आशियाने उजड़ते हैं, और हर साल दोबारा नई उम्मीद के साथ बनाए जाते हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने पहले से ही बाढ़ से प्रभावित होने वाले जिले के जिलाधिकारियों को युद्धस्तर पर बाढ़ निरोधी और राहत-बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। ताकि समय रहते बाढ़ की विभीषिका को कम किया जा सके और बाढ़ की वजह से इलाके में कम-से-कम नुकसान हो।

प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका के कारण जान-माल और संपत्ति का नुकसान झेलने वाले भागलपुर जिले के कई प्रखंडों के लोग मॉनसून के प्रवेश के साथ अच्छी बारिश होने से एक ओर काफी भयभीत हैं। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और कटाव ग्रस्त इलाकों में युद्धस्तर पर कार्य कराए जाने की बात कही जा रही है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन खुद पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मॉनिटरिंग के साथ ही जिलाधिकारी इन इलाकों का लगातार निरीक्षण भी कर रहे हैं। डीएम ने बताया कि अभी कोसी और गंगा नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है। जिले के मुख्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नवगछिया अनुमंडल के कई प्रखंड और कहलगांव, सबौर और पीरपैंती मैं कटाव निरोधी कार्य लगभग पूरा कर दिया गया है। नवगछिया में चैनल बनाने का काम पूरा हो गया है। जबकि तटबंध बनाने का काम भी काफी हद तक पुरा कर लिया गया है।

बरसात के कारण तटबंध का शेष बचा काम दिसंबर माह में पूरा किया जाएगा। जबकि सबौर, कहलगांव, पीरपैंती में भी कटाव निरोधी कार्य की तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने हाल के दिनों में हुए बारिश के कारण किसानों कि मूंग की फसल सहित कई फसलों के नुकसान को लेकर राज्य सरकार को क्षति का आंकड़ा बनाकर भेज जाने की बात कही, जिसके बाद किसानों को क्षतिपूर्ति दिया जा सकेगा।

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