'दागी' के सवाल पर आमने-सामने पुलिस मुख्यालय और एसोसिएशन, कहा- जिसने बिहार में सुशासन दिया उसका चीरहरण बंद हो...

'दागी' के सवाल पर आमने-सामने पुलिस मुख्यालय और  एसोसिएशन, कहा- जिसने बिहार में सुशासन दिया उसका चीरहरण बंद हो...

पटना :  बिहार के दागी अफसरों को विभिन्न जिलों के थानो से हटा कर पुलिस केंद्र में पोस्टिंग की जा रही है. जिसके बाद अब पुलिस मुख्यलाय और एसोसिएशन आमने सामने आ गया है। एसोसिएशन  का आरोप है कि जिन्होंने बिहार सरकार के हर निर्णय को मूर्त रूप दिया और बिहार में सुशासन दिया उन्हें हीं दोषी ठहराया जा रहा है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि .... इसको समझना ज़रूरी है कि दागी पुलिस वालों पर विभागीय करवाई चलता कौन है और दंड देता कौन है? कलंक के बाद पदोन्नति मिल चुकी है तो फिर उसका अर्थ क्या. बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने साफ़ किया की पुलिस विभाग में जो कार्य करेगा उससे ही छोटी या बड़ी ग़लती होगी. जो बेहतर कार्य किए है उसको कोई नही देखा.

बिहार पुलिस एसोसिएशन अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि  ग़लती या आरोप पर जिले के वरीय पदाधिकारी के ऊपर निर्भर रहता है दंड देना. बिहार पुलिस की रीढ़ थानाध्यक्षों का आज चीरहरण हो रहा है.

बिहार पुलिस एसोसिएशन का सीधा आरोप 

बिहार पुलिस एसोसिएशन अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने कहा कि थानाध्यक्ष सरकार और विभाग की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं.सरकार ने जो नीति बनाई उसका पालन किया है.आपकी हर सफलता इन्हीं की देन है. जिस 94 - 09 बैच को आज दागदार बताया जा रहा है पूरा सुशासन उनके कठिन परिश्रम का प्रतिफल है.आपने नीति बनायी,निर्देश  दिया और पी सी किया. आज उम्र के इस पडाव पर जब उनके बच्चे सयाने हो चले हैं,उनकी प्रतिष्ठा से मत खेलें. थानेदार बनते नहीं बनाये जाते हैं. थानेदार बनाने में वरीय प्रभावित होते हैं तो यह उनका दोष है.

Find Us on Facebook

Trending News