अब ‘साहब’ के ‘बाबू’ पर टिकी पुलिस मुख्यालय की नजर, अनुमंडल से लेकर जोनल ऑफिस तक में कार्यरत रीडरों की होगी जांच

अब ‘साहब’ के ‘बाबू’ पर टिकी पुलिस मुख्यालय की नजर, अनुमंडल से लेकर जोनल ऑफिस तक में कार्यरत रीडरों की होगी जांच

PATNA : अब साहब के बाबू पर बिहार पुलिस मुख्यालय की नजरें जा टिकी है। साहब के बाबुओं की कारस्तानी आये दिन चर्चाओं में होती है। पुलिस मुख्यालय अब इस बात को लेकर सख्त हो गया है कि आखिर पुलिस अधिकारियों के कार्यालय में कार्यरत स्टेनो रैंक के रीडर चाहे वो एसआई या एएसआई हो कब से कार्यालय में जमें हैं।साथ ही उनकी कार्यशैली किस प्रकार की है।

एडीजी हेडक्वार्टर जितेन्द्र कुमार ने बताया कि स्टेनो रैंक में आने वाले रीडरों की भी कार्यशैली एवम तैनाती की तिथि की जांच मुख्यालय स्तर से किया जा रहा है।

 इसके लिए पुलिस हेडक्वार्टर ने अनुमंडल से लेकर जोनल कार्यालय तक में कार्यरत रीडर की डिटेल उपलब्ध कराने के लिए सम्बंधित सभी अधिकारियों  आदेश दिया है। सभी डाटा आ जाने के बाद उनकी गहनता से जांच किया जाएगा।

जितेन्द्र कुमार ने कहा कि पूरा विवरण मिल जाने के बाद ये पता चलेगा कि आखिर किस कार्यालय के रीडर कितने दिनों से बने हुए हैं। इसके बाद उनकी कार्यशैली की विवेचना की जाएगी। ऑकड़ा मिल जाने के बाद इस पर कार्रवाई होगी। 

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