सुशासन की पुलिस का खुलासा के नाम पर 'तमाशा'....कहां गया लूटा गया 10 करोड़ का सोना,अपहृत कारोबारी भाई कहां हैं?

सुशासन की पुलिस का खुलासा के नाम पर 'तमाशा'....कहां गया लूटा गया 10 करोड़ का सोना,अपहृत कारोबारी भाई कहां हैं?

PATNA: बिहार की दो बड़ी घटनाओं में सुशासन की पुलिस फेल साबित हो रही। पहली घटना में सुशासन की पुलिस का खुलासा तमाशा बन गया तो दूसरी वारदात में पुलिस जो अब तक अपने आप को तेजतर्रार कह रही थी वह परीक्षा में शून्य अंक लाई। ऐसा इसलिए क्यों कि दोनों बड़ी वारदात में पुलिस के हाथ खाली हैं। एक घटना में पुलिस जो दावे कर रही वह सिर्फ आईवॉश रही।  दरभंगा में 10 करोड़ की सोना लूट मामले में पुलिस एक छटांक सोना बरामद नहीं कर सकी। वहीं पटना के नौबतपुर से 9 दिसंबर से अपहृत कारोबारी भाईयों को खोजने में पुलिस अब तक विफल रही है। दरभंगा सोना लूट कांड का खुलासा तमाशा बन कर रह गया है। यूं कहें कि बिहार की सुशासन वाली पुलिस ब तक जितनी भी सोना लूट हुई उसके खुलासे का तमाशा करती है।

9 दिसबंर को हुई थी लूट 

 दरभंगा की एक ज्वैलरी शॉप में 9 दिसंबर को 10 करोड़ की लूट मामले में पुलिस ने खुलासे का दावा किया था। पुलिस ने लूटकांड में शामिल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही। दरभंगा एसएसपी की तरफ से बताया गया लूटकांड का खुलासा कर लिया गया। इसमें मुख्य आरोपी भी ज्वेलरी कारोबारी ही है। पुलिस का दावा था कि आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की छापेमारी जारी है। लेकिन पुलिस अब तक हाथ में लड्डू लिये घुम रही है। यानि, बिहार की तेजतर्रार पुलिस 10 करोड़ की लूट में एक छटांक सोना या गहना बरामद करने में विफल है। जैसे-जैसे समय बीत रहा वैसे-वैसे अब लूट का सोना बरामद होने की संभावना भी कम होते जा रही है। 


न एक छटांक सोना मिला न चांदी

दरभंगा पुलिस का कहना है कि लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर छापेमारी जारी है.हालांकि अब तक सोना बरामद करने में पुलिस विफल है। लूट का सोना कब बरामद होगा यह बताने के लिए कोई पुलिस अधिकारी तैयार नहीं। पुलिस की इस कार्यशैली पर अब बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं. आखिर ये कैसा खुलासा न तो एक छटांक सोना मिला न चांदी और केस का हो गया खुलासा। वाह रही बिहार की तेजतर्रार पुलिस.....। दरभंगा एसएसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया था कि बड़ा बाजार में लूटकांड का खुलासा हो गया है ।10  करोड़ की ज्वेलर्स लूट कांड का दरभंगा पुलिस का दावा था कि लाइनर सहित सात अपराधी को एक देशी कट्टा, दो कारतूस तथा नशीली दवाओं के साथ किया गिरफ्तार कर लिया।

आठ दिसंबर को हुए थे लापता

आठ दिसंबर को नौबतपुर में राइस मिल पार्टनर के साथ हिसाब करने पहुंचे दो चावल कारोबारी भाई के लापता होने का मामला प्रकाश में आया था। अपहृत कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता व अमित कुमार गुप्ता के पिता ने अपने दो पुत्रों की गुमशुदगी का मामला थाने में दर्ज कराया था.बड़े कारोबारी के अपहृत हुए 17 दिन बीत गए लेकिन पटना की पुलिस अब तक उन्हें खोजने में विफल रही है।पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही,कई जगहों पर छापेमारी भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। परिजन परेशान हैं,उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें,परिजनों ने डीजीपी से भी गुहार लगाई . यह मामला काफी तुल पकड़ा लेकिन अब तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। बड़ा सवाल यही है कि आखिर लोग कैसे पुलिस पर भरोसा करेंगे। दरभंगा में पुलिस न सोना बरामद कर सकी और न पटना में अपहृत कारोबारी भाईयों को ही खोज सकी। ऐसे में सुशासन की पुलिस की कार्यशैली कटघरे में है। 

पटना पुलिस अपहरण मामले को भूल गई?

विपक्ष लगातार बिहार की लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार को घेर रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि बिहार की पुलिस खुलासा के नाम पर तमाशा करती है। आखिर इतने दिन बीतने के बाद भी दरभंगा सोना लूटकांड में पुलिस ने एक छटांक सोना क्यों नहीं बरामद किया। पटना से अपहृत कारोबारी भाईयों को खोजने में पुलिस अब तक विफल है। लग रहा कि पटना पुलिस अब इस केस को भूल गई है।

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