सुशासन पर बट्टा लगा तो अब खैर नहीं...नवगछिया से लेकर राजधानी पटना तक थानेदारों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हडकंप

सुशासन पर बट्टा लगा तो अब खैर नहीं...नवगछिया से लेकर राजधानी पटना तक थानेदारों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हडकंप

पटनाः सीएम नीतीश कुमार के फरमान के बाद बिहार पुलिस के आलाधिकारी एक्शन में हैं। सरकार ने पुलिस के वरीय़ अधिकारियों को स्पष्ट मैसेज दे दिया है कि अगर सुशासन पर बट्टा लगा तो खैर नहीं। नीतीश सरकार ने पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारियों को अपनी मंशा बता दिया है।साथ हीं  फिल्ड में तैनात एसपी से लेकर आईजी तक को बता दिया गया है कि बेहतर पुलिसिंग के लिए जो करना हो करिए....

पिछले महीने नवगछिया के खरीक के थानेदार को थाने से हीं गिरफ्तार करने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह गया,नालंदा से होकर राजधानी पटना तक पहुंच गया है।नालंदा के नगरनौसा के थानेदार को भी गिरफ्तार किया गया।वहीं गया के बाराचट्टी थाने के 2 दारोगा को भी पैसा वसूली में थाने से हीं एसपी ने गिऱफ्तार करवा लिया।

भ्रष्टाचार और धूसखोरी के आरोप में थानेदार और दारोगा की सीधे गिरफ्तारी का सिलसिला राजधानी तक पहुंच गया है।शनिवार को बेउर के थानेदार को लुटेरों को लूटने के आरोप में अन्य पांच सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया है।  अबतक कई जिलों के थानेदार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची है।क्यों कि अब कार्रवाई के नाम पर सस्पेंड किया जाता था।लेकिन अब सीधे केस दर्ज कर गिरफ्तारी हो रही उसके बाद निलंबन की कार्रवाई हो रही है।   

हाल के दिनों में थानेदार-दरोगा की गिरफ्तारी की ब्योरा.....

केस नंबर -1

20 जुलाई 2019 को पटना के बेउर थाना में लुटेरों को पकड़कर रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में बेउर थानेदार प्रवेश भारती समेत 5 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने लुटेरों से डेढ़ लाख रुपये घूस लेकर उन्हें छोड़ दिया। इस मामले में उन पांच पुलिसकर्मियों में बेउर थानेदार प्रवेश भारती, एएसआई विनोद राय व सुनील चौधरी, होमगार्ड कृष्ण मुरारी और विनोद शर्मा हैं। डीआईजी राजेश कुमार के आदेश पर उनलोगों को गिरफ्तार किया गया है।गौरतलब है कि पटना के नौबतपुर थाना इलाके में 15-16 जुलाई की रात में एक पिकअप वैन से अपराधियों ने 18 लाख के सिक्के लूटे थे। पटना पुलिस ने इस लूट कांड में शामिल दो लुटेरों को गिरफ्तार किया और जब उनसे पूछताछ की तो उनके द्वारा चौंकाने वाला खुलासा किया गया। उसी के आधार पर इन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हुई है।

केस 2

13 जुलाई को गया के  बाराचट्टी थाना के जमादार (एएसआइ) धर्मेंद्र कुमार और हरेंद्र कुमार गिरफ्तार किया गया।साथ हीं थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा थाना के प्राइवेट चालक को भी पकड़ा गया है।एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि ओडिशा से लोहा लेकर एक ट्रक नेपाल जा रहा था। ट्रक झारखंड नंबर का है। दोनों जमादार ट्रक चालक से 50 हजार रुपये की वसूली करने की हिमाकत कर रहे थे। जांच-पड़ताल के दौरान थानाध्यक्ष की भी उसमें संलिप्तता पाई गई। अंतत: त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार शाम दोनों जमादार गिरफ्तार किए गए और थानाध्यक्ष लाइन हाजिर किया गया।

केस नंबर—3

12 जुलाई को नालंदा के नगरनौसा थाने में पुलिस कस्टडी में जदयू महादलित प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष गणेश रविदास की मौत के मामले में थानाध्यक्ष कमलेश, एएसआइ बलिंद्र व  चौकीदार संजय पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया।एससी-एसटीथानाध्यक्ष नीलकमल ने बताया कि मृत गणेश के पुत्र बलराम रविदास ने  शुक्रवार को नगरनौसा   थानाध्यक्ष कमलेश कुमार, एएसआइ बलिंद्र राय, चौकीदार जितेंद्र कुमार, संजय   पासवान, ग्रामीण नरेश साव, पवन साव, दयानंद साव व कमलेश कुमार समेत एक अन्य  पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. इस मामले में एसपी नीलेश कुमार ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. 

केस नंबर-4

24 जून 2019 को नवगछिया पुलिस जिले के खरीक थाना में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखा रहे थानेदार दिलीप कुमार को शराब के नशे में अपने हीं गिरफ्तार कर लिया गया।
 
 थानेदार के शराब पीने की पुष्टि
 
 गुप्त सूचना पर नवगछिया एसपी निधि रानी और एसडीपीओ प्रवेन्द्र भारती ने सोमवार देर रात कार्रवाई करते हुए शराबी थानेदार को गिरफ्तार कर उनका मेडिकल कराया. जिसमें थानेदार के शराब पीने की पुष्टि हुई.इसके बाद आज कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया. मामले की जानकारी देते हुए नवगछिया एसपी ने आरोपी थानेदार की बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने की बात कही.

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