जगदानंद सिंह ने दे दिया इस्तीफा, पद छोड़ने के सवाल पर बोले प्रदेश अध्यक्ष- इसका जवाब मेरे पास नहीं...

जगदानंद सिंह ने दे दिया इस्तीफा, पद छोड़ने के सवाल पर बोले प्रदेश अध्यक्ष- इसका जवाब मेरे पास नहीं...

PATNA: बिहार की राजनीति में शुक्रवार के दिन सनसनीखेज रहा। बिहार के दो बड़ी पार्टी जदयू और राजद में अंदर ही अंदर बड़े बदलाव हुए। जदयू में जहां संजय सिंह को मुख्य प्रवक्ता के पद से हटाया गया। वहीं दूसरी तरफ से राजद में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस खबर के बाहर आते ही सियासी हलचल तेज हो गई और तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। बताया गया कि जगदानंद सिंह ने अपना इस्तीफा तेजस्वी यादव सहित दिल्ली में लालू यादव को भेज दिया है। हालांकि आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने जगदानंद सिंह का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।

इसी बीच इस्तीफे की खबर बाहर आते ही मीडियाकर्मी उनसे मुखातिब हुए और खबर की सत्यता को लेकर उनसे बात करनी चाही। हालांकि जगदानंद सिंह ने इस वक्त भी प्रत्यक्ष तरीके से कुछ नहीं कहा और ज्यादा पूछने पर बोले कि ‘इसका जवाब मेरे पास नहीं है’। उनसे सवाल किया गया कि कहीं उन्होनें तेजप्रताप की वजह से तो इस्तीफा नहीं दिया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि तेजप्रताप यादव की कोई बात उन्हें खटक गई है और उन्होनें इतना बड़ा फैसला ले लिया। इसपर उन्होनें कहा कि तेजप्रताप से बात कीजिए। उसकी बात का जवाब हम नहीं देंगे। उसने मुझे चाचा कहा था। चाचा कहने पर हम नाराज क्यों होंगे? जगदानंद सिंह से यह भी पूछा गया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके बारे में भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं? इसपर उन्होनें कहा कि ‘यदि भ्रामक है तो जिसने चलाया उससे सवाल कीजिए’। वहीं अंतिम में उन्होनें मजाकिया लहजे में कहा ‘इतना आसान नहीं है जगदानंद सिंह होना’। जो कि बहुत हद तक सही भी है। पार्टी में जो उनका कद है, लालू यादव का जितना उनपर भरोसा है, वह अबतक कोई और नहीं जीत पाया है। यही कारण है कि जब आरजेडी सुप्रीमो जेल में थे, तब उन्होनें खुद जगदानंद सिंह को अभिवावक औऱ उनके करीबी के रूप में पार्टी की कमान संभालने को कहा था, जिसे उन्होनें बखूबी निभाया।

वहीं दूसरी तरफ राजद के अंदरखाने से यह खबर भी निकलकर सामने आ रही है कि आलोक मेहता राजद के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इसके पहले रामचंद्र पूर्वे की जगह पर जगदानंद सिंह राजद के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे। यहां यह जानना जरूरी है कि अचानक ही राजद के वरिष्ठ नेता को पद छोड़ने की क्या जरूरत आन पड़ी? तो आपको बता दें कि अबतक जो कयास लगाए जा रहे हैं, उसके मुताबिक राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े लाल तेजप्रताप यादव औऱ जगदानंद सिंह के बीच रिश्ते में तल्खी देखी जा रही थी, और गाहे-बगाहे खुले तौर पर भी इसे साफ देखा जा सकता था। कुछ दिन पहले ही राजद की रजत जयंती के मौके पर मंच पर वक्तव्य देने के दौरान ही तेजप्रताप यादव ने जगदानंद सिंह पर इशारों- इशारों में हमला बोला था। हो सकता है कि एक वजह यह भी हो। हालांकि जगदानंद सिंह ने तो अपनी तरफ से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे की पेशकश की है।

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