उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए से आउट होने के बाद बिहार के कुशवाहा नेताओं की बल्ले-बल्ले

उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए से आउट होने के बाद बिहार के कुशवाहा नेताओं की बल्ले-बल्ले

PATNA : आरएलएसपी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए से आउट होने के बाद बिहार के कुशवाहा नेताओं की बल्ले-बल्ले हो गई है। एनडीए के घटक दल जेडीयू और बीजेपी की नजर कुशवाहा समाज के नेताओं पर है। दोनों दलों ने अपने नेताओं को यह खास टास्क दे रखा है कि कुशवाहा समाज से आने वाले छोटे-बड़े नेताओं को पार्टी मे शामिल कराया जाए।लिहाजा दोनों पार्टियां मिशन मोड में कुशवाहा नेताओं को अपनी पार्टी मे शामिल कराने मे जुटी हैं। लिहाजा हर सप्ताह मिलन समारोह आयोजित कर दोनों पार्टियों की तरफ से कुशवाहा समाज को पार्टी मे ज्वाईन कराया जा रहा है।

आगे निकला जदयू 

कुशवाहा समाज के नेताओं को अपने पाले मे लाने मे जदयू बीजेपी से आगे निकल गयी है। जब से उपेन्द्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच विवाद सार्वजनिक हुआ, उसके बाद से ही जदयू ने अबतक कई मिलन समारोह आयोजित कर कुशवाहा नेताओं को अपनी पार्टी मे शामिल कराया है। सबसे पहले जदयू ने आरएलएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा को अपनी पार्टी मे शामिल कराया। उनके साथ समाज के कई अन्य छोटे नेताओं को पार्टी मे शामिल कराया गया।

इसके बाद जदयू ने चंपारण से जुड़े एक पूर्व मंत्री  वीरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके रामपुकार सिन्हा को पार्टी की सदस्यता दिलवाई। इसके साथ ही आरएलएसपी से जुड़े कई अन्य कुशवाहा नेताओं को हाल ही मे जदयू मे शामिल कराया गया है ।

खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस काम मे लगे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव मे रिश्वतखोरी का आरोप लगा कुशवाहा समाज के जिस नेता को मंत्री पद से हटा दिया गया था और विधानसभा की टिकट से बेटिकट कर दिया था, उसे भी मनाने की कोशिश की गई। खुद सीएम नीतीश कुमार एक कार्यक्रम के बहाने पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद कुशवाहा के घर गए और यह मैसेज देने की कोशिश की अब इस तरह की कोई बात नही।

अभी हाल ही मे आरएलएसपी के कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि की भी जदयू से नजदीकी बढ़ गईहै। संभावना है कि जल्द ही वे जदयू का दामन थाम सकते हैं।

बीजेपी हुई पीछे

कुशवाहा समाज के नेताओं को अपने पाले मे लाने मे बीजेपी   अपनी सहयोगी जदयू से पिछड़ गयी है। वैसे तो बिहार बीजेपी ने कुशवाहा समाज से आने वाले पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी को अपना अर्जुन बना मैदान मे उतार ही दिया है।

बताया जाता है कि सम्राट चौधरी के प्रयास से ही सोमवार को नवादा के पूर्व प्रत्याशी और कुशवाहा समाज पर प्रभाव रखने वाले अनिल  मेहता को बीजेपी की सदस्यता दिलवाई गई है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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