सुप्रीम कोर्ट से बिहार के नीतीश सरकार को मिला बड़ा झटका, अतिपिछड़ा के लिए बने डेडिकेटड कमीशन पर रोक, BJP ने कहा - सरकार की सच्चाई उजागर

सुप्रीम कोर्ट से बिहार के नीतीश सरकार को मिला बड़ा झटका, अतिपिछड़ा के लिए बने डेडिकेटड कमीशन पर रोक, BJP ने कहा - सरकार की सच्चाई उजागर

PATNA /NEW DELHI : दिसंबर में नगर निकाय चुनाव कराने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन, अब चुनाव पर एक बार फिर से ग्रहण लग गया है। ऐसा इसलिए कि क्योंकि जिस अति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव कराया जाना था, अब उस आयोग पर ही सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बिहार की नीतीश सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं कोर्ट के फैसले के बाद अब बीजेपी फिर से नीतीश कुमार सरकार पर हमलावर हो गई है। बीजेपी नेता ने कोर्ट के आदेश की प्रति शेयर की है। साथ ही मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है कि फिर एक बार नीतीश कुमार का अति पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।

बता दें कि बिहार में नगर निकाय चुनाव को स्थगित करने के बाद बिहार सरकार ने हाई कोर्ट का रुख किया था. वहां कोर्ट के आदेश के बाद 18 अक्टूबर को राज्य की सरकार ने पिछड़ा आयोग के लिए कमीशन का गठन किया था. इसकी रिपोर्ट सौंपने के बाद ही चुनाव कराए जाने की उम्मीद थी। जबकि बीजेपी शुरू ही सरकार द्वारा गठित आयोग का विरोध करती रही है और चुनाव में अति पिछड़ा आरक्षण को लेकर दूसरे कमीशन की मांग करती रही है। लेकिन सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यह मान लिया है कि बिहार सरकार द्वारा गठित आयोग में नियमों का पालन नहीं किया गया है। 

घिर गए नीतीश कुमार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब नीतीश कुमार सरकार फिर से घिरती हुई नजर आ रही है। पहले आयोग के गठन में टालमटोल किया गया और करोड़ों रुपए वकीलों पर खर्च किए गए। फिर हाईकोर्ट के दबाव पर नवीन कुमार की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया। आयोग के काम के लिए बड़ी राशि मंजूर की गई। लेकिन अब आयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। ऐसे में बीजेपी को सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। कोर्ट के ऑर्डर की रिपोर्ट शेयर करते हुए मोदी ने लिखा कि "सुप्रीम कोर्ट ने अति पिछड़ा आयोग को डेडिकेटेड कमीशन पर रोक लगा दी है. बीजेपी पहले से कह रही थी नया कमीशन बनाइए, लेकिन नीतीश कुमार अपनी ज़िद पर अड़े रहे. बिहार में फिर एक बार नीतीश कुमार का अति पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हो गया है 

बता दें कि नीतीश सरकार ने 18 अक्टूबर को अति पिछड़ा आयोग का गठन किया था. इसके अध्यक्ष नवीन कुमार को बनाया गया था. कहा गया कि आयोग जब रिपोर्ट सौंपेगी तो ही बिहार में निकाय चुनाव के लिए रास्ता साफ हो सकेगा. बीजेपी लगातार इसे लेकर और चुनाव स्थगित होने का ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ती रही है.


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