बिहार शिया वक्फ बोर्ड ने CM नीतीश को लिखी चिट्ठी, मोहर्रम में 10 दिनों के लिए मांगी छूट

बिहार शिया वक्फ बोर्ड ने CM नीतीश को लिखी चिट्ठी, मोहर्रम में 10 दिनों के लिए मांगी छूट

पटना : बिहार शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इरशाद अली आजाद ने सीएम नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी के जरिए इरशाद अली आजाद ने सीएम नीतीश कुमार से मोहर्रम को लेकर बड़ी मांग की है.  

बिहार शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इरशाद अली आजाद ने मोहर्रम को लेकर बिहार में 10 दिनों के लिए छूट देने की डिमांड की है. चिट्ठी में अनुरोध किया गया है कि पहली मोहर्रम से 10 मोहर्रम यानी 10 दिनों तक अजादारी करने की विशेष रूप से छूट दी जाए. साथ ही लिखा गया है कि इस संबंध में बिहार सरकार द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए जाएंगे. उसका पालन करते हुए मजलिस और मातमी जुलूस का आयोजन किया जाएगा. 

वहीं इरशाद अली आजाद ने बताया है कि राज्य के विभिन्न जिलों के मौलाना, धार्मिक गुरु, सामाजिक संस्थाएं और खानकाहों से बिहार शिया वक्फ बोर्ड को पत्र प्राप्त हुए हैं. जिसमें मोहर्रम में इमाम हुसैन का गम मनाने और मजलिस के आयोजन के लिए सरकार से पत्राचार करने और विशेष छूट देने का अनुरोध किया गया है. सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बिहार शिया वक्फ बोर्ड ने सीएम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य में लागू लॉक डाउन को देखते हुए मुहर्रम में 10 दिनों की छूट देने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इमाम हुसैन की लोकप्रियता, उनका व्यक्तित्व और अपनी अकीदत को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में अवश्य उचित समाधान निकालेंगे. 

बता दें कि सीएम नीतीश कुमार को लिखी गई चिट्ठी की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल बिहार, मुख्य सचिव बिहार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग, जिला पदाधिकारी पटना, पुलिस महानिरीक्षक पटना, अपर पुलिस महानिदेशक पटना को भी सूचनार्थ एवं अग्रतर कार्रवाई हेतु भेज दी गई है.

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे और पूरी इंसानियत को बचानेवाले हजरत इमाम हुसैन का ग़म मोहर्रम के महीने में मनाया जाता है. इमाम हुसैन के लोकप्रिय व्यक्तित्व एवं इस्लाम के प्रति उनकी सपरिवार कुर्बानी से हर धर्म समुदाय के लोग परिचित हैं. मोहर्रम के महीने में विशेष रुप से 10 दिन तक कर्बला के मैदान में शहीद होने वालों का ग़म मनाया जाता है और उनकी याद में मजलिस का आयोजन किया जाता है. मातमी जुलूस निकाला जाता है. पूरे राज्य में सभी इमामबाड़ा, कर्बला और खानकाहों में मजलिस आयोजित की जाती है और शहादत नामा पढ़ा जाता है. कोरोना वायरस जैसी संक्रमण बीमारी के कारण सरकार की ओर से लॉक डाउन लागू कर दिया गया है, जिस कारण सभी तरह के धार्मिक स्थल बंद हैं. यही वजह है कि बिहार शिया वक्फ बोर्ड ने सीएम नीतीश कुमार को चिट्ठी लिख मोहर्रम के दौरान छूट देने की मांग की है. 



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