बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की नीतीश सरकार को दो टूक, नियोजित शिक्षकों को हर हाल में देना होगा बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा

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पटना. बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य की नीतीश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि हर हाल में नियोजित शिक्षकों को बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा देने होगा. संघ के तत्वाधान में स्थानीय निकाय द्वारा नियुक्त शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने से पूर्व परीक्षा लेने, मनमानी स्थानांतरण करने एवं शिक्षा विभाग बिहार सरकार द्वारा मनमानी आदेश किए जाने के विरोध में शुक्रवार को राज्य के शिक्षकों द्वारा मुंह पर काली पट्टी बांधकर गर्दनीबाग पटना में एकदिवसीय भूख हड़ताल किया गया. संघ के अध्यक्ष बृजनंदन शर्मा ने कहा कि हमारी 11 सूत्री मांगे बिल्कुल जायज है जिसे पूरा करने में सरकार को कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा. बिना शर्त मुझे राज्य कर्मी का दर्जा चाहिए क्योंकि हमारे सभी शिक्षक दक्षता एवं पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण है. सरकार के साथ हमारा पूर्व का समझौता है इसलिए सभी शिक्षकों को राज्य सरकार केंद्रीय वेतनमान यथा शीघ्र दें. 

बिना शर्त सरकारीकरण: बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा ने कहा कि राज्य के सभी शिक्षकों का 70 के दशक में ही बिना शर्त सरकारी कारण किया गया था. पूर्व की सरकारों ने मुझे केंद्रीय वेतनमान दिया परंतु वर्तमान सरकार शिक्षकों को अपमानित करने का काम कर रही है जिसे शिक्षक संघ कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. धरनार्थियों  को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि हम अंतिम सांस तक शिक्षकों की लड़ाई लड़ते रहेंगे बिना सर्त हर हाल में राज्य सरकार को बिहार के सभी नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देना होगा. 

समय सारणी को ठीक करें: संघ के वरीय उपाध्यक्ष श्री नुनु मणि सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग यथाशीघ्र विद्यालय के समय सारणी को ठीक करें समय सारणी पूर्वत करें. मनमानी आदेश को वापस ले. अखिल भारतीय शैक्षिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की मांगे जायज है विभाग शिक्षकों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. सरकार अगर यथाशीघ्र शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं निकालती तो अखिल भारतीय शैक्षिक संघ इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगा.

शिक्षा मंत्री का आश्वासन : इस बीच, धरना स्थल पर सूचना आई और वहां से 11 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल अखिल भारतीय शैक्षिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर कुमार के पहल पर माननीय शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी से मिलने कृषि भवन स्थित उनके कक्ष में गया जहां हम पार्टी के राज्य अध्यक्ष माननीय विधायक अनिल कुमार की उपस्थिति में माननीय शिक्षा मंत्री से शिक्षक हित के 11 सूत्री मांगों पर बात हुई. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा किसी भी शिक्षक को हटाया नहीं जाएगा. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और प्रत्येक समस्या का समाधान किया जाएगा. फिलहाल सक्षमता परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगा जिस शिक्षक को जैसी सहूलियत हो उस हिसाब से परीक्षा अवश्य दें.

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम आपकी सारी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में निर्णायक कार्य करेंगे. आप लोग शिक्षा हित की बात सोचिए हम शिक्षक हित की बात अवश्य सोचेंगे. शिक्षा मंत्री से वार्ता में मुख्य रूप से अखिल भारतीय शैक्षिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर कुमार  बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार अखिल भारतीय शैक्षिक संघ के संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार शैलू, वरीय उपाध्यक्ष नूनू मणी सिंह, महासचिव नागेंद्र नाथ शर्मा, उपाध्यक्ष घनश्याम यादव एवं महादेव मिश्र उप महासचिव दिनेश कुमार सिंह, सचिव सूर्य नारायण यादव बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रेमचंद्र, पश्चिम चंपारण जिला के कार्यकारी अध्यक्ष नवोदय ठाकुर, प्रभारी प्रधान सचिव विपिन यादव आदि उपस्थित थे.