परिवहन विभाग में कितने अधिकारी आए-गए लेकिन सात साल से कुंडली मार कर बैठे हैं ‘ओएसडी’ ! मुख्यमंत्री सचिवालय के जांच का आदेश अबतक बेअसर

परिवहन विभाग में कितने अधिकारी आए-गए लेकिन सात साल से कुंडली मार कर बैठे हैं ‘ओएसडी’ ! मुख्यमंत्री सचिवालय के जांच का आदेश अबतक बेअसर

PATNA: बिहार में नीतीश कुमार की सुशासन की सरकार है।लेकिन इसी सुशासन वाली सरकार में पहुंच और पैरवी के बल पर अधिकारी खास जगह पर लंबे समय तक कुंडली मार कर बैठे रहते हैं।वैसे हीं अधिकारी मुख्यमंत्री के सुशासन वाली सरकार पर बट्टा लगा रहे हैं। जिस अधिकारी की ऊपर तक सेटिंग होती है वह एक हीं जगह सालों-साल तक जमा रहता है। लेकिन अगर आपकी कोई सेटिंग नहीं है तुरंत चलता कर दिए जायेंगे।परिवहन विभाग में कोई कितना भी बड़ा अधिकारी हो तुरंत चलता कर दिया जाता है जब तक कि उसके ऊपर अंब्रेला की छाया न हो.....उदाहरण के तौर पर पिछले साल विभाग के एक बड़े हाकिम को भी कुछ हीं महीनों में चलता कर दिया गया था। उनके अलावे चौधरी आनंत नारायण जो विभाग में ज्वाईंट सेक्रेटी के पद पर कार्यरत्त थे उन्हें भी कुछ महीनो में छुट्टी कर दी गई थी।इसके अलावे कई अन्य उदाहरण हैं जो परिवहन विभाग पर लागू होते हैं।

अब जरा दूसरी तरफ गौर कीजिए... विभाग के एक अधिकारी करीब सात सालों से विभाग के ओएसडी के पद पर काबिज हैं।इतने साल बाद भी बिहार सरकार ने उनको छूने की हिम्मत नहीं की। ओएसडी जो कि बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं उनके पद पर रहते भर में कितने अधिकारी आए और गए लेकिन उनका बाल-बांका भी नहीं हो सका।जबकि सरकार का नियम है कि तीन में अधिकारी पर बदल दिया जाए।  

परिवहन विभाग के ओएसडी पर गंभीर आरोप

परिवहन विभाग में पदस्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ओएसडी के पद पर तैनात हैं।उनका नाम अजीव वत्सराज है।जानकारी के अनुसार वे सात साल से ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं।अबतक उन पर कई आरोप भी लगे हैं। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री से लेकर सामान्य प्रशासन विभाग से कंप्लेन किया गया है। कंप्लेन किए करीब तीन महीने बीत गए.... कंप्लेन के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिख आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश दिया था। सीएम सचिवालय के आदेश के भी काफी दिन हो हो गए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री सचिवालय और सामन्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए गए कंप्लेन में आरोप लगाया गया था कि  पहुंच-पैरवी के बल पर पिछले सात सालों से एक हीं स्थान यानि परिवहन विभाग के ओएसडी के पद पर पदस्थापित हैं।मुख्यमंत्री को दिए गए आवेदन में यह आरोप लगाया गया था कि ओएसडी अजीव वत्सराज एक हीं जगह पर 7-8 सालों से जमें हैं जिस वजह से उनका दबदबा हो गया है।मोटर व्यवसाय से जुड़े लोगों को ओएसडी द्वारा परेशान किया जाता है।साथ हीं वे मनमाने तरीके से काम करते हैं। आरोप में यह भी कहा गया था कि ओएसडी परिवहन कार्यालयों से संबंध बनाते हुए अधिकारियों से पैसे का लेन-देन भी करते हैं।इनकी वजह काम कराने वाले लोग परेशान होते हैं।लिहाजा एक हीं स्थान पर सालों से जमें बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी का तबादला किया जाए।

जानकारी के अनुसार सीएम सचिवालय से पत्र आने के बाद थोड़ी तेजी दिखी थी लेकिन जांच की वर्तमान स्थिति क्या है इसकी जानकारी देने के लिए कोई तैयार नहीं।हमने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।

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