फिर फिसड्डी साबित हुई बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था, नीति आयोग की सालाना रिपोर्ट में खुलासा

फिर फिसड्डी साबित हुई बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था, नीति आयोग की सालाना रिपोर्ट में खुलासा

PATNA :  बिहार के लिए अच्छी खबर नहीं है। नीति आयोग की रिपोर्ट में भी स्वास्थ्य के मामले में यह राज्य और पिछड़ रहा है यानी पिछली बार की तुलना में यहां स्वास्थ्य के हालात और बिगड़े हैं। 

नीति आयोग की रिपोर्ट में इन्क्रीमेंटल रैंकिंग यानी पिछली बार के मुकाबले सुधार के स्तर के मामले में 21 बड़े राज्यों की सूची में बिहार सबसे नीचे हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और ओडिशा की रैंकिंग भी बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में केरल टॉप पर और यूपी सबसे नीचे है।

सूची में यूपी 20वें, उत्तराखंड 19वें और ओड़िशा 18वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार संदर्भ वर्ष 2015-16 की तुलना में 2017-18 में स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार का संपूर्ण प्रदर्शन सूचकांक 6.35 अंक गिरा है। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन सूचकांक में 5.08 अंक, उत्तराखंड 5.02 अंक तथा ओड़िशा के सूचकांक में 3.46 अंक की गिरावट आई है।

पिछले बार के मुकाबले सुधार और कुल मिलाकर बेहतर प्रदर्शन के आधार पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग तीन श्रेणी में की गई है। पहली श्रेणी में 21 बड़े राज्यों, दूसरी श्रेणी में आठ छोटे राज्यों एवं तीसरी श्रेणी में केंद्र शासित प्रदेशों को रखा गया है।

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