बिहार विधानसभा चुनाव पर चढ़ता खून का रंग, पुलिस के लिए शांतिपूर्ण चुनाव बनी एक बड़ी चुनौती

बिहार विधानसभा चुनाव पर चढ़ता खून का रंग, पुलिस के लिए शांतिपूर्ण चुनाव बनी एक बड़ी चुनौती

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे जैसे नजदीक आते जा रही है चुनाव का माहौल तनाव से बढ़ता जा रहा है.बिहार विधानसभा चुनाव 2020 का महासंग्राम अब खून के रंग में रंगने लगा है. गोलियों की तड़तड़ाहट ने एक दहशत कायम कर दी है. सुशासन में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस की तो छोड़ो ये हालत तब है, जब चुनाव को लेकर केन्द्रीय सुरक्षा बलों ने भी बिहार की जमीन पर डेरा डाला हुआ है. एक तरफ नक्सलियों का खौफ है, तो दूसरी तरफ उन अपराधियों का, जिनके निशाने पर नेता हैं. अब मतदान की तिथि भी नजदीक आ रही है. ऐसे में पुलिस के लिए शांतिपूर्ण चुनाव एक बड़ी चुनौती से कम नहीं है. 

प्रत्याशी श्रीनारायण सिंह की गोली मारकर हत्या

बिहार के शिवहर में शनिवार को जनता दल राष्ट्रवादी के प्रत्याशी श्रीनारायण सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. ये घटना पुरनहिया प्रखंड के हथसार गांव की है, जहां श्रीनारायण सिंह अपने समर्थकों के साथ चुनाव करने पहुंचे थे. बाइक सवार बदमाशों ने उनके काफिले पर गोलियों की बौछार कर दी. फायरिंग में श्रीनारायण सिंह के सीने में गोली लगने से उनकी मौत हो गई, जबकि दो अन्य समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए. आक्रोशित भीड़ ने एक हत्यारे को भी दबोचकर पीट पीटकर मार डाला. 

प्रत्याशी अजय यादव पर चुनाव प्रचार के दौरान फायरिंग

वहीं इसी दिन गया की टिकारी विधानसभा से पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी अजय यादव पर चुनाव प्रचार के दौरान फायरिंग की गई. इस घटना में अजय यादव बाल-बाल बच गये. हत्यारे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन इस फायरिंग की घटना ने बिहार के सुशासन और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये हैं. 

बीजेपी नेता राजेश कुमार झा की हत्या कर दी गई.

बिहार की राजधानी पटना में एक अक्टूबर को बीजेपी नेता राजेश कुमार झा की हत्या कर दी गई. इस वारदात को उस समय अंजाम दिया गया, जब बीजेपी नेता बाइक से अपने घर जा रहे थे. हालांकि इस हत्या के पीछे का कारण जमीनी विवाद बताया जा रहा है, लेकिन लोग इस हत्या को भी राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं.

दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या कर दी गई.

बिहार के पूर्णिया जिले में चार अक्टूबर को दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या कर दी गई. इस वारदात को उस समय अंजाम दिया गया, जब शक्ति मलिक अपने घर में बैठे हुए थे. बाइकों से आए बदमाश उनके घर में घुसे और शक्ति मलिक को गोलियां से भून दिया. आरजेडी के बागी नेता शक्ति मलिक की हत्या में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप के नाम पर एफआईआर दर्ज होने से राजनितिक गलियारे में हंगामा मच गया था. पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर पूरे खेल से पर्दा उठा दिया.

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