बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने किया अनोखा प्रयोग, हर बूथ पर तैनात की 'सात सहेलियां',

बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने किया अनोखा प्रयोग, हर बूथ पर तैनात की 'सात सहेलियां',

PATNA बिहार विधानसभा चुनाव जितने के लिए सभी पार्टियां अलग अलग हथकंडे अपनाती नजर आ रही है. ऐसे में  जीत का परचम लहराने के लिए भाजपा इस बार कई नए प्रयोग कर रही है। इसी क्रम में पार्टी की महिला मोर्चा ने इस बार बड़ी जिम्मेवारी संभाली है। मोर्चा ने महिला वोटरों को बूथ तक लाने का जिम्मा संभाला है। पहली बार मोर्चा यह काम कर रही है। महिला वोटरों को बूथ तक लाने के लिए महिला मोर्चा ने सात सदस्यीय टीम बनाई है जिसका नाम 'सखी' दिया गया है।

कोरोना काल में महिला वोटरों को बूथ तक लाने के लिए महिला मोर्चा ने पहली बार विशेष तैयारी की है। विशेषकर शहरी क्षेत्र के सभी बूथों के लिए सात सदस्यीय सप्तसखी टीम का गठन कर लिया गया है। टीम सप्तसखी में जीविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता के साथ ही पहली बार वोटर बनी युवतियों को शामिल किया गया है। टीम सप्तसखी को जिम्मा दिया गया है कि वे महिलाओं को बूथ तक अनिवार्य रूप से लाएं। मोर्चा की हरेक मंडल अध्यक्ष को दो-दो हजार महिला वोटरों का मोबाइल नंबर दिया गया है। वे अभी से ही फोन कर महिलाओं को मतदान के दिन बूथ तक आने को प्रेरित कर रही हैं। कोरोना काल में मतदान का प्रतिशत बेहतर बना रहे और पार्टी के समर्थक आकर मतदान जरूर करें, इसके लिए यह अभियान शुरू किया गया है।

टीम सखी के गठन में जातियों का भी ख्याल रखा गया है। सवर्ण के साथ ही पिछड़ा व अतिपिछड़ा को भी टीम में रखा गया है। अनुसूचित जाति के लोगों को भी टीम में रखा गया है ताकि सभी सदस्य अपनी-अपनी जाति के वोटरों को फोन कर बूथ तक लाने का काम कर सकें। वहीं महिला वोटरों में बुजुर्ग व विकलांग महिलाओं को बूथ तक लाने के लिए इ-रिक्शा व अन्य वाहनों का इंतजाम किया जाएगा। मतदान के दिन टीम सखी के सदस्य महिला वोटरों को फोन कर बूथ पर आने का आग्रह करेंगी। लेकिन फोन करने के पहले टीम सखी के सदस्य खुद मतदान करेंगी और महिला वोटरों को फोन कर उन्हें बूथ तक आने को प्रेरित करेंगी। प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा मुख्यालय स्तर पर खुद इन गतिविधियों की निगरानी कर रही है। दूसरी ओर पार्टी के छोटे-बड़े नेता स्वजातीय लोगों से मेल-मिलाप कर रहे हैं। क्षेत्र में जाते ही भाजपा नेता अपनी-अपनी जाति के लोगों के प्रमुख लोगों से मिलकर पार्टी के पक्ष में वोट देने की गुजारिश कर रहे हैं। चुनावी रैली के दौरान भी पार्टी के जिस  किसी बड़े नेता की जनसभा हो रही है, उसमें भी उसी उस जाति के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विस चुनाव की औपचारिक घोषणा के पहले ही पार्टी ने यह जनसम्पर्क अभियान शुरू कर दिया था। विधानसभा वार पार्टी के नेता भ्रमण पर थे। वह अभियान अब भी जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार दल के छोटे-बड़े नेता क्षेत्र भ्रमण के दौरान अब तक चार हजार से अधिक इस तरह की बैठकें कर चुके हैं।


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