बिहार में एकबार फिर से होंगे चुनाव, कई नए नेताओं की खुलेगी लॉटरी, जानिए कैसे....

बिहार में एकबार फिर से होंगे चुनाव, कई नए नेताओं की खुलेगी लॉटरी, जानिए कैसे....

PATNA : लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद अब बिहार में कई नए नेताओं की लॉटरी लग सकती है। इस बार के चुनाव में कई ऐसे उम्मीदवार भी जीते हैं जो उच्च सदन के यानी राज्य सभा और विधान परिषद के सदस्य हैं। वही कई विधायक भी इस बार लोकसभा का चुनाव जीते हैं।

सांसद चुने जाने के बाद अब उन्हें राज्यसभा की सदस्यता विधान सभा और विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ेगी। लिहाजा उन सीटों पर नए नेताओं को जगह दी जा सकती है। 

रविशंकर प्रसाद पटना साहिब से लोकसभा का चुनाव जीते हैं। वे वर्तमान में  राज्यसभा के सदस्य हैं लिहाजा वे राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।

वहीं जेडीयू कोटे की बात करें तो सिवान के दरौंदा से विधायक कविता सिंह अब सांसद हो गई हैं। वे सिवान लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत चुकी हैं। अब वे विधायकी से त्यागपत्र देंगी। इस्तीफा के बाद अगले 6 माह के भीतर सिवान के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव होंगे।

विधान पार्षद जल संसाधन मंत्री ललन सिंह भी मुंगेर से चुनाव जीत चुके हैं। वे भी विधान परिषद की सदस्यता छोड़ेंगे। उनकी जगह पर भी दूसरे नेताओं को जगह दी जाएगी।

दिनेश चंद्र यादव जो मधेपुरा से चुनाव जीत चुके हैं वे भी जदयू के विधायक हैं और नीतीश कैबिनेट में मंत्री हैं। वे भी अपनी विधायकी से त्यागपत्र देंगे ।

बांका से जदयू के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते गिरधारी यादव भी जदयू से विधायक हैं। लिहाजा वे भी अपना विधायकी से   त्यागपत्र देंगे ।

भागलपुर से जेडीयू से जीते अजय कुमार मंडल भी विधायक हैं। अब सांसद बन जाने की स्थिति में वे विधायकी से त्यागपत्र देंगे ।

वहीं लोजपा कोटे की बात करें तो रामविलास पासवान के भाई और नीतीश कैबिनेट में मंत्री पशुपति कुमार पारस भी हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत चुके हैं। वे अभी राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के सदस्य हैं। वे विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा करेंगे

वहीं कांग्रेस की तरफ से एकमात्र जीते हुए प्रत्याशी डॉ मोहम्मद जावेद भी किशनगंज से विधायक हैं। अब वे सांसद बन गए हैं। ऐसे में इन्हें भी अपनी विधायकी से इस्तीफा देना होगा। 

इस तरह से राज्य सभा, विधान परिषद और विधानसभा की कई सीटें खाली हो रही है। लिहाजा वहां पर अब नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे। इस तरीके ने नए लोगों की लॉटरी खुल सकती है।

विवेकानंद की रिपोर्ट
 
 

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