...जानिए बिहार विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष सदानंद सिंह अपने किस रिश्तेदार को बहाल कराने में फंस गये

...जानिए बिहार विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष सदानंद सिंह अपने किस रिश्तेदार को बहाल कराने में फंस गये

पटनाः निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार विधानसभा में 2000 से 2005 के बीच कथित अवैध नियुक्ति के मामले में विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह सहित 41 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने इसके लिए अनुमति दे दी है।तत्कालीन विस अध्यक्ष सदानंद सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक रिश्तेदार की बहाली के नियमों को तार-तार कर दिया।

 अवैध नियुक्तियों के लिए प्रावधानों की अवहेलना

 मिली जानकारी के अनुसार विधान सभा में अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके रिश्तेदारों को तृतीय वर्ग के पदों पर नियुक्‍त किया गया था। तत्‍कालीन विधानसभा अध्‍यक्ष सदानंद सिंह पर भी आरोप है कि उन्‍होंने अपने रिश्तेदार संजय कुमार की नियुक्ति के लिए मनमानी की।

 अधिकारियों के बेटे व रिश्‍तेदार हुए थे चयनित

  बता दें कि धांधली कर बड़े पैमाने पर अधिकारियों के बेटे व रिश्‍तेदारों को चयनित कर लिया गया।खबर के अनुसार तत्‍कालीन उप सचिव वशिष्ठ देव तिवारी के पुत्र नवीन कुमार, आप्‍त सचिव विमल प्रसाद के पुत्र राकेश कुमार, अवर सचिव बैजू प्रसाद सिंह के पुत्र मनीष कुमार, सुबोध कुमार जायसवाल के पुत्र रतन कुमार का चयन किया गया। 

इसी तरह, उप सचिव पुरुषोत्तम मिश्रा के रिश्तेदार देव कुमार, उप सचिव ब्रजकिशोर सिंह के रिश्तेदार सत्यनारायण, उप सचिव अरुण कुमार के रिश्तेदार नीरज आनंद, उप सचिव ब्रजकिशोर सिंह के रिश्तेदार सत्यनारायण, उप सचिव नवलकिशोर सिंह के रिश्तेदार अवधेश कुमार सिंह, आप्त सचिव कामेश्वर प्रसाद सिंह के रिश्तेदार संजीव कुमार आदि को भी नियुक्ति के लिए चुन लिया गया था।

 निगरानी बहुत जल्द करेगी चार्जशीट

 निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के एडीजी सुनील कुमार झा ने कहा कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। ब्‍यूरो ने चार्जशीट भी तैयार कर ली है। विधान सभा के सचिव बटेश्वर नाथ ने बताया कि चार्जशीट को स्वीकृति दे दी गई है।

सदानंद सिंह ने आरोपों को किया खारिज

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता एवं बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह ने विधानसभा में बहाली में हुई अनियमितता को लेकर निगरानी के द्वारा चार्जशीट को लेकर अपनी सफाई दी है। सदानंद सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि मेरे कार्यकाल में हुई नियुक्तियों के लिए निगरानी के द्वारा मेरे विरुद्ध चार्जशीट दायर करने की बात राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की नियुक्ति में अनियमितता का मेरे उपर लगाए गए सभी आरोपों को पटना हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।


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