‘मुआवजा दो नहीं तो जमीन खाली करो’ के नारों के साथ बिहटा के किसानों का पटना में विधानसभा मार्च, हजारों किसानों ने बुलंद की आवाज

‘मुआवजा दो नहीं तो जमीन खाली करो’ के नारों के साथ बिहटा के किसानों का पटना में विधानसभा मार्च, हजारों किसानों ने बुलंद की आवाज

PATNA : बिहटा मेगा  औद्यागिक पार्क से प्रभावित किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को मेगा औद्योगिक पार्क प्रभावित मोर्चा बिहटा के बैनर तले किसानों का जत्था बिहटा प्रखंड के विभिन्न गाँवो से पटना के किसानों का विशाल जत्था विधान सभा मार्च में शामिल हुआ।अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित बिहार भर के किसानों के इस मार्च में बिहटा अंचल के अमहरा, सिकंदरपुर, दिलावरपुर , दयालपुर, राजपुर, राघोपुर, मौधही, यमुनापुर , निखनटोला, दरियापुर, बिहटा आदि गाँवो के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 किसानों ने आनन्द कुमार, त्रयम्बक राज,  श्यामसुंदर,  रवींद्र सिंह  आदि के नेतृत्व में गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च में हिस्सा लिया। प्रांत व देश स्तर के कई बड़े किसान नेताओं ने  मेगा औद्यागिक पार्क प्रभावित किसान मोर्चा के संघर्षरत किसानों के साथ एकजुटता प्रकट की।

  ' मुआवजा दो , नहीं तो जमीन खाली करो,  'भूमि अधिग्रहण कानून  2013 लागू करो' ,  '1/1/2014 का रेट  लागू करो'  इन मांगों के साथ  किसानों  का जत्था गांधी मैदान पहुंचा । विधानसभा  मार्च से पहले गांधी मैदान में सभा हुई । किसान नेता आनंद कुमार ने उपस्थित जनसमूह को मेगा  औद्यागिक पार्क  प्रभावित किसान मोर्चा बिहटा की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा " आज लगभग बारह -तेरह सालों आए भी अधिक वक्त आए किसानों की जमीन  लेकर विकास का ढिंढोरा पीट रही है लेकिन उनकी जायज  मुआवजे को देने में आनाकानी कर रही है। हमारा संघर्ष पिछले सात-आठ सालों से लगातार चल रहा है लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं  रेंग रही है।"

चर्चित किसान नेता व सी.पी.आई के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा " बिहटा के किसानों की मांग बिल्कुल जायज  मांगो के साथ बिहार व केंद्र सरकार खिलवाड़ कर रही है। किसानों की हकमारी हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसान  विरोधी इस सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। "  

सी.पी.एम के राज्य सचिव मंडल नेता सर्वोदय शर्मा ने बिहटा के किसानों से एकजुटता प्रकट करते हुए कहा " स्वामी सहजानांद सरस्वती की भूमि से शुरू जायज मुआवजे की इस लड़ाई को जिस बहादुरी से संघर्ष किया है उसे बिहार सरकार को सुनना होगा। जमीन लेकर किसानों को उचित मुआवजा न देना धोखाधड़ी है।" 

शिक्षाविद अनिल कुमार राय ने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को उद्घृत करते हुए कहा कि बिहटा के किसानों की लड़ाई अकेली नहीं बल्कि पूरे बिहार भर के किसान उसके साथ  हैं। सभा को अखिल भारती किसान सभा के रवींद्र नाथ राय,    सी.पी.आई( एम.एल-लिबरेशन) के राजाराम आदि ने भी संबोधित किया। मार्च के पहले  इस जत्था का स्वागत किसान सभा के नेता अशोक कुमार, एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विश्वजीत,   सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश,   संस्कृति कर्मी राकेश आदि ने स्वागत किया । 

बता दें कि बिहटा के किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। मुआवजे को लेकर ये लड़ाई पिछले पांच-छह वर्षों से चल रही है। बिहटा प्रखंड के गांवों का जिन लोगों ने प्रतिनिधित्व किया उसमें कुश, राजकपुर, रवि, मिथिलेश, कामेश्वर यादव, कृष्णा, अमहरा से  सत्यानंद, छोटू, दीपक, रौशन, अजीत आदि प्रमुख हैं।

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