जन्मदिन विशेष: कुलदीप नैयर, एक जिन्‍दगी काफी नहीं’

जन्मदिन विशेष: कुलदीप नैयर, एक जिन्‍दगी काफी नहीं’

जाने-माने लेखक और पत्रकार कुलदीप नैयर का आज 95वां जन्मदिन है. कुलदीप ने भारत सरकार में प्रेस इंफॉरमेशन ऑफिसर के पद पर कई सालों तक काम किया. इसके बाद बाद पीआईबी, यूएनआई, ‘द स्टैट्समैन', इंडियन एक्सप्रेस, द टाइम्स के साथ भी लंबे समय तक काम किया. कुलदीप नैयर का जन्म आज ही के दिन साल 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था. यूएसए से पत्रकारिता की डिग्री ली. फिलॉसफी में पीएचडी की है. कुलदीप नैयर ने अपने करियर की शुरुआत एक उर्दू रिपोर्टर के रूप में की थी. आपातकाल (1975-77) के दौरान जेल भी गए. साल 1990 में ब्रिटेन में उच्चायुक्त नियुक्त किए गए. 1996 में यूनाइटेड नेशन के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य रहे. 

‘बिटवीन द लाइन्स', ‘डिस्टेण्ट नेवर : ए टेल ऑफ द सब काॅनण्टीनेण्ट', ‘इण्डिया आफ्टर नेहरू', ‘वाल एट वाघा, इण्डिया पाकिस्तान रिलेशनशिप', ‘इण्डिया हाउस', ‘स्कूप' (सभी अंग्रेज़ी में)। ‘द डे लुक्स ओल्ड' के नाम से प्रकाशित कुलदीप नैयर की आत्मकथा भी काफी चर्चित रही है। सन् 1985 से उनके द्वारा लिखे गये सिण्डिकेट कॉलम विश्व के अस्सी से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं।

नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी द्वारा ‘एल्यूमिनी मेरिट अवार्ड' (1999)। सन् 1990 में ब्रिटेन के उच्चायुक्त नियुक्त किये गये। सन् 1996 में भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजे गये प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य भी रहे। अगस्त, 1997 में राज्यसभा के मनोनीत सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए।

सरहद संस्था की अोर से दिया जाने वाला संत नामदेव राष्ट्रीय पुरस्कार 2014 ज्येष्ठ पत्रकार कुलदीप नैय्यर को मिला है। इससे पहले ये पुरस्कार विजयकुमार चोपडा, एस॰ एस॰ विर्क, गुलजार, यश चोपड़ा, माँटेक सिंह अहलुवालिया, जतिंदर पन्नू, सत्यपाल सिंह, के॰ पी॰ एस॰ गिल को दिया गया है।

23 नवम्बर, 2015 को वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक कुलदीप नैयर को पत्रकारिता में आजीवन उपलब्धि के लिए रामनाथ गोयनका स्मृ़ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार दिल्ली में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में केद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने प्रदान किया।

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