2014 में बीजेपी-एलजेपी के सिंबल पर बिहार से लोकसभा का चुनाव जीते कई सांसद 2019 में हुए पैदल, जानिए किसका हुआ पत्ता साफ

2014 में बीजेपी-एलजेपी के सिंबल पर बिहार से लोकसभा का चुनाव जीते कई सांसद 2019 में हुए पैदल, जानिए किसका हुआ पत्ता साफ

PATNA : बिहार में 2014 के लोकसभा चुनाव जीते कई सांसद बेटिकट कर दिए गए हैं। बीजेपी ने पटना साहिब सांसद शत्रुध्न सिन्हा सहित कई सांसदों को पैदल कर दिया है। सांसदों के टिकट काटने के पीछे कई वजहें रही। बीजेपी के कई सांसद अपनी लोकसभा सीट सहयोगी दल के खाते में चले जाने से बेटिकट हो गए वहीं शत्रुध्न सिन्हा को पार्टी विरोधी लाइन की वजह से बेटिकट होना पड़ा।

 2014 में हुए लोकसभा चुनाव और 2019 के चुनाव में कई मायनों में अलग है। 2014 में जहां आरएलएसपी एनडीए की सहयोगी थी तो जदयू विरोधी। 2019 का चुनाव आते-आते आरएलएसपी विरोधी हो गयी और जदयू सहयोगी बन गई। लिहाजा बीजेपी ने कई सीटिंग सांसदों का संसदीय क्षेत्र सहयोगी दल के पाले में डाल दिया। वहीं एलजेपी ने भी अपने दो सीटिंग सांसदों का टिकट काट दिया है।लोजपा ने वैशाली के अपने सीटिंग सांसद रामा सिंह का टिकट काटकर वीणा देवी को प्रत्याशी बनाया है।वहीं खगड़िया सीट के सांसद महबूब अली कैसर को भी एलजेपी ने अभी तक टिकट फाईनल नहीं किया है। अधिक संभावना है कि पार्टी इस बार  अपने सीटिंग सांसद के बदले किसी नए उम्मीदवार को अपना प्रत्याशी बनाए।

बीजेपी-एलजेपी के इन सांसदों को नहीं मिला टिकट

बाल्मिकीनगर-सतीश चंद्र दूबे

वैशाली-रामा सिंह

गोपालगंज-जनक राम

सिवान-ओमप्रकाश यादव

मुंगेर-वीणा देवी

पटना साहिब-शत्रुध्न सिन्हा

गया –हरि मांझी

झंझारपुर-वीरेन्द्र चौधरी

हाजीपुर-रामविलास पासवान के चुनाव नही लड़ने के बाद उनके भाई हुए उम्मीदवार

दरभंगा- सीटिंग सांसद कीर्ति आजाद के पार्टी छोड़ने के बाद बीजेपी ने नया चेहरा दिया है

मधुबनी –हुकुमदेव नारायण यादव के बदले उनके पुत्र अशोक यादव को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है।

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