नीतीश कुमार पर हमलावर हुए भाजपाई, कहा - एक मुख्यमंत्री के रूप में 17 साल में दिया सबसे शर्मनाक बयान

नीतीश कुमार पर हमलावर हुए भाजपाई, कहा - एक मुख्यमंत्री के रूप में 17 साल में दिया सबसे शर्मनाक बयान

PATNA : बेगूसराय में हुए गोलीकांड में अपराधियों को पकड़ने की जगह जिस तरह से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे मामले को जातिगत और धर्म से जोड़ने की कोशिश की है, उसके बाद वह तमाम भाजपाई नेताओं के निशाने पर आ गए है। जहां पूर्व पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने नीतीश कुमार के बयान को पिछले 17 साल में एक मुख्यमंत्री के रूप में सबसे शर्मनाक बयान बताया है. वहीं दूसरी तरफ एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि यह नीतीश कुमार की उम्र का असर है और उनका मेमोरी लॉस हो रहा है। इस तरह का बयान देकर उन्होंने अपने राजनीतिक अंत की तरफ कदम बढ़ा दिया है। 

आज पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि जब पहली बार उन्होंने  भाजपा के साथ सरकार बनाई तो उनकी पहचान इमानदार और विकास के काम करने को लेकर थी। पिछले 17 सालों में उन्होंने कई विवादित बयान दिए, लेकिन जिस तरह बेगूसराय की घटना को उन्होंने पूरे मामले को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से जोड़कर बयान दिया, उस तरह का शर्मनाक बयान पिछले 17 साल में कभी नहीं सुना गया। एक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का यह बयान कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। नितिन नवीन ने कहा गोली चलानेवाले जाति पूछकर गोली नहीं चला रहे थे, लेकिन नीतीश जी ने इसे  जाति और धर्म से जोड़ दिया। नितिन  नवीन ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि यह कोई साजिश है तो वह गृह मंत्री हैं, खुद इसकी जांच करवाएं।

नवल किशोर यादव ने भी निकाली भड़ास

नीतीश कुमार के बयान पर एमएलसी नवल किशोर यादव ने भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र अधिक हो गई है, जिसका कारण मेमोरी लॉस हो गया है। नीतीश कुमार कहते हैं कि यह किसी की साजिश  है तो यह बिल्कुल सही है। क्योंकि जहां हमला हुआ, उस इलाके में सात सात थाने हैं, एनएच है, लेकिन कहीं भी पेट्रोलिंग नहीं हो रही थी, अपराधी 40 किमी तक आराम से गोली चलाते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं पकड़ा, जो साबित करता है कि यह पूरा मामला राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित करवाया गया है। अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें तत्काल गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। 

सुशील मोदी ने  भी पुराने मित्र पर जताया  गुस्सा

सीएम के बयान पर उनके पुराने मित्र सुशील कुमार मोदी ने भी आपत्तीजनक बताया है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि जिस जगह से गोली चलने की शुरूआत हुई, वह भूमिहारों का इलाका है और जिस एनएच पर गोली चली, वहां दूर-दूर तक कोई बस्ती नहीं है, ऐसे में सीएम का बयान समझ से परे है। गोली चलानेवाले जाति देखकर गोली नहीं चला  रहे थे। लेकिन सीएम ने इसे जातिगत रंग दे दिया। हैरानी  तो इस बात की थी कि पूरे घटना पर जिस तरह से वह हसंते हुए बयान दे रहे थे, लगा कि उनके लिए यह बिल्कुल  सामान्य घटना है।  घटना पर कोई गंभीरता नजर नहीं आ रही थी। जबकि एक मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें मृतक के परिवारर और दूसरे घायलों के पास जाना चाहिए था। 


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