बीजेपी कोटे के अधिकांश मंत्रियों का असहयोग, फेल होने के कगार पर बीजेपी का सहयोग कार्यक्रम

बीजेपी कोटे के अधिकांश मंत्रियों का असहयोग, फेल होने के कगार पर बीजेपी का सहयोग कार्यक्रम

PATNA : बीजेपी कोटे के अधिकांश मंत्री अपने संगठन का आदेश भी नही मान रहे। मंत्रियों की बेरूखी की वजह से बिहार बीजेपी दफ्तर मे लगने वाला सहयोग कार्यक्रम फेल होने की स्थिति मे आ गया है। बिहार की सत्ता मे साझीदार होने के बाद बीजेपी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं की मदद और उनकी समस्या के निराकरण को लेकर सहयोग कार्यक्रम की शुरूआत की थी। हफ्ते में पांच दिन अलग-अलग मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शुरूआत मे तो सबकुछ ठीक रहा। मंत्री भी नियत दिन अपनी तय समय सीमा पर सहयोग कार्यक्रम मे आते रहे, लेकिन समय बीतने के साथ ही मंत्री अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को भूलते गए और सहयोग कार्यक्रम से मुंह मोड़ते चले गए। स्थिति यह हो गयी है कि अब हप्ता में एक-दो दिन ही सहयोग कार्यक्रम में बीजेपी कोटे के मंत्री आ रहे हैं। दिसम्बर महीने में अबतक 6 दिन ही सहयोग कार्यक्रम में मंत्रीजी शिरकत किए हैं।

नवम्बर महीने में महज 5 दिन हाजिर हुए मंत्री

हद तो तब हो गयी जब नवम्बर महीने में सिर्फ 5 दिन ही बीजेपी दफ्तर में सहयोग कार्यक्रम हो सका। बाकी दिनो में बीजेपी कोटे के मंत्रियों ने विभाग की व्यस्तता बता कार्यक्रम में आने से कन्नी कटा लिया। हालांकि नवम्बर महीने में 26-30 नवम्बर तक विधानमंडल का सत्र भी था। फिर भी 20 दिनों के बजाए सिर्फ 5 दिन ही सहयोग कार्यक्रम हो सका।

अक्टूबर महीने में सिर्फ 10 दिन हुआ सहयोग कार्यक्रम

अक्टूवर महीने में भी मंत्रियों ने सिर्फ 10 दिन ही सहयोग कार्यक्रम मे शामिल हुए और बीजेपी कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनी। जबकि कायदे से हर सप्ताह में पांच दिन यानी 20-22 दिन सहयोग कार्यक्रम आयोजित होनें चाहिए था।

मंत्री नंदकिशोर यादव नें सबसे अधिक बार की शिरकत

बीजेपी की तरहफ से सहयोग कार्यक्रम के लिए मीडिया को जानकारी दी जाती है उसके अनुसार अक्टूबर से अबतक नंदकिशोर यादव और रामनारायण मंड़ल ने सबसे अधिक 4-4 बार सहयोग कार्यक्रम में भाग लिया है। जबकि विनोदनारायण झा,विनोद सिंह तीन बार मंगल पाण्डेय,विजय सिन्हा, सुरेश शर्मा 2-2 बार शामिल हुए हैं। जबकि राणा रणधीर ,प्रमोद कुमार,कृष्ण कुमार श्रृषि 1-1 बार सहयोग कार्यक्रम में आए हैं।

हालांकि बीजेपी के नेता दबी जुबान से यह स्वीकार करते हैं कि सहयोग कार्यक्रम की स्थिति ठीक नही है। कई मंत्री व्यस्तता की बात कह कर सहयोग कार्यक्रम में समय नही देना चाहते।

मंत्रियों के असहयोग से फेल हो रहा बीजेपी का सहयोग कार्यक्रम इस सवाल पर प्रदेश बीजेपी नेतृत्व ने कहा कि ऐसी स्थिति नही है। यह हो सकता है कि विभागीय व्यस्तता की वजह से कई मंत्री सहयोग कार्यक्रम में नही आए हों। लेकिन पार्टी इसकी समीक्षा करेगी और जरूरी हुआ तो इस संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किया जाएगा।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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