उप चुनाव रिजल्ट से भाजपा गदगद! परिणाम को बीजेपी MLC ने 6 प्वाइंट्स से समझाया, कहा- CM 'नीतीश' की शर्मनाक पारी का जल्द खात्मा होने वाला है...

उप चुनाव रिजल्ट से भाजपा गदगद! परिणाम को बीजेपी MLC ने 6 प्वाइंट्स से समझाया, कहा- CM 'नीतीश' की शर्मनाक पारी का जल्द खात्मा होने वाला है...

PATNA: बिहार विधानसभा की दो सीटों पर हुए उप चुनाव में राजद और बीजेपी दोनों पार्टियों ने अपनी सीटिंग सीटें बचाने में कामयाब हो गीं. मोकामा विस सीट पर बीजेपी लंबे अंतराल के बाद उम्मीदवार उतारे थे. मोकामा के रण में बिना जेडीयू के भाजपा कैंडिडेट को 63 हजार मत मिले. जेडीयू अब राजद के साथ है. इसके बाद भी मोकामा में राजद कैंडिडेट को 2020 के मुकाबले बहुत अधिक फायदा नहीं मिला. बीजेपी नेतृत्व मोकामा की हार को जीत मान रही है. इधर, गोपालगंज में राजद के आधार वोट में सेंधमारी हुई है. एआईएमआईएम ने अल्पसंख्यक वोट में सेंध लगाई है। नतीजा यह हुआ कि नीतीश कुमार का साथ मिलने के बाद भी गोपालगंज में राजद कैंडिडेट की हार हुई । इधर नीतीश कुमार से अलग होने के बाद भी भाजपा अपने दम पर गोपालगंज सीट बचाने में कामयाब रही. विधानसभा की दो सीटों के चुनावी परिणाम के बाद बिहार बीजेपी के महामंत्री व विधान पार्षद देवेश कुमार ने कहा है कि जो चुनाव परिणाम आये हैं उसके कई निहितार्थ हैं.

नीतीश की शर्मनाक पारी का खात्मा जल्द-देवेश 

बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार की शर्मनाक पारी का खात्मा जल्द ही होने की संभावना है। राज्य के लोग उनकी गैर-सैद्धांतिक और अवसरवादी राजनीति को दफनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद जद (यू) के नेताओं की अब राजनीतिक गुमनामी की संभावना बढ़ेगी। दूसरा प्वाइंट यह है कि महागठबंधन के सात दल, जिनके नेता अवसरवादी विचार पर एक-दूसरे के विरोधी हैं। हालांकि ये सभी मिलकर भी बिहार में भाजपा के जीत की कारवां को आगे बढ़ने से नहीं रोक सके। उपचुनाव के नतीजे इस प्रवृत्ति की गवाही दे रहे. गोपालगंज में, भाजपा उम्मीदवार को 72,053 (41.6%) वोट मिले, जबकि राजद उम्मीदवार को सात पार्टियों के समर्थन के बावजूद, सिर्फ 68,259 (40.53%) वोट मिले। गोपालगंज राजद संस्थापक लालू प्रसाद और उनके उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव का गृह जिला है। जहाँ करीब दो दशक से लगातार मुंह की खा रहे.

2025 में मोकामा में रचेंगे इतिहास

भाजपा  के विधान पार्षद ने आगे कहा कि मोकामा डॉन से राजनेता बने अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है। वहां पर भाजपा 1995 के बाद पहली बार चुनावी मैदान में उतरी और राजद के 79,744 (53.44%) वोटों के मुकाबले 63,003 (42.22%) वोट प्राप्त की. 2020 में, जेडी (यू) के उम्मीदवार, जिन्होंने एनडीए का प्रतिनिधित्व किया, मोकामा से केवल 28.1% वोट हासिल कर सके थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दोनों सीटों पर 41.9 फीसदी वोट शेयर हासिल किया। कुछ कड़ी मेहनत करने के बाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायक और करिश्माई नेतृत्व के बल पर हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा 50% के जादुई वोट-शेयर अगले चुनावों में प्राप्त कर इतिहास रचेगी।

वोटिंग पैटर्न को समझें..सबकुछ पचा चल जायेगा

देवेश कुमार ने कहा कि अपने मूल समर्थन-आधार को मजबूत करते हुए, भाजपा के साथ अब ईबीसी, ओबीसी और दलित वर्ग का बड़ा हिस्सा है। यह पर्याप्त संकेत है कि ईबीसी,ओबीसी के एक हिस्से पर कभी पकड़ नीतीश कुमार की रहती थी, अब वो भी लगभग समाप्ति की ओर है। इन दो विधानसभा क्षेत्रों में नीतीश कुमार जी के दबाव से जिला प्रशासन ने भी पक्षपातपूर्ण तरीका अपनाया। हालांकि यह चुनाव परिणाम पर पर्याप्त प्रभाव नहीं डाल पाया।यह परिणाम राजद नेतृत्व को चिंतित होने के लिए बहुत कुछ दिया है। फैसले से स्पष्ट है की उनका समर्थन करने वाला एक विशेष समूह दरक रहा है। गोपालगंज उपचुनाव के परिणाम के वोटिंग पैटर्न को समझने से पता चल जाएगा।

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