भाजपा के बागी MLC सच्चिदानंद राय को मनाने के लिए बीजेपी ने झोंकी ताकत, लेकिन अबतक नहीं बन पायी बात

पटना- बिहार बीजेपी लगातार मुसीबतों से घिरते जा रही है. जब तक एक भी चरण के चुनाव संपन्न नहीं हुए थे तब तक भाजपा नेतृत्व सबकुछ सामान्य बताने में जुटा था. पार्टी नेतृत्व अपने बागी नेताओं की परवाह किए बगैर आगे की रणनीति बनाने में जुटा था. लेकिन जैसे ही पहले चरण का चुनाव संपन्न हुए उसके बाद से बीजेपी नेतृत्व के पैरों के नीचे से जमीन खिसकती हुई दिखने लगी है. लिहाजा बिहार से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक हरकत में आ गया है. पहले डैमेज कंट्रोल के रूप में पूर्व मंत्री महाचंद्र सिंह सरीखे नेताओं को आनन-फानन में शामिल कराया गया. उससे भी बात नहीं बनते दिख अब रूठे नेताओं को मनाने की कोशिश की जा रही है.

सच्चिदानंद राय को मनाने के लिए बीजेपी ने झोंकी ताकत 

परेशान बीजेपी के नेता बागी बन महाराजगंज से चुनाव लड़ने का एलान कर चुके पार्टी के विधानपार्षद सच्चिदानंद राय को मनाने में जुट गए हैं. बीजेपी नेतृत्व हर हाल में सच्चिदानंद राय को चुनाव लड़ने से रोकने का प्रयास कर रही है. बताया जाता है कि इसको लेकर बिहार के एक वरिष्ठ नेता ने केंद्रीय नेतृत्व के एक बड़े नेता से बात भी करायी है. लेकिन बात नहीं बन पायी है. क्यों कि जिस मुद्दे पर बीजेपी के विधानपार्षद सच्चिदानंद राय ने बगावत कर चुनाव लड़ने का एलान किया है उस पर ठोस सहमति नहीं बन सकी है।

आखिर क्यों बागी बने हैं सच्चिदानंद राय

बिहार में सीट बंटवारे में भूमिहार-ब्राह्मण समाज को दरकिनार किए जाने के बाद पार्टी के विधानपार्षद सच्चिदानंद राय ने पार्टी से खुली बगावत कर दी है. उन्होंने एलान कर दिया है कि वे कई इलाकों में बीजेपी प्रत्याशी को हराने का काम करेंगे. बीजेपी विधानपार्षद ने खुद महाराजगंज लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी सीग्रीवाल के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. इसको लेकर उनकी तैयारी भी चल रही है और नामांकन की तिथि भी घोषित कर दी है. बीजेपी विधानपार्षद ने पार्टी आरोप लगाया है कि जिस समाज ने बीजेपी को सींचने का काम किया उसे इस बार टिकट देने में पूरे तौर पर दरकिनार कर दिया गया है. लिहाजा अब चुप नहीं बैठा जा सकता और हक की लड़ाई को आगे जारी रखेंगे.

आपको बता दें कि सिर्फ सच्चिदानंद राय ही नहीं बल्कि सांसद सतीशचंद्र दूबे भी बागी बन वाल्मीकिनगर से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. इनके अलावे जहानाबाद, पाटलिपुत्रा, मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भुमिहार समाज खुलेआम बीजेपी के विऱोध में उतर गया है. पहले चरण के संपन्न हुए चुनाव में भी पार्टी नेतृत्व को यह जानकारी मिली है कि बीजेपी के परंपरागत वोटर निष्क्रिय बने रहे हैं. जिससे चुनाव में भारी नुकसान की संभावना है.

आज सीपी ठाकुर ने भी खोल दी है बीजेपी की पोल

बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर ने भी आज पार्टी नेतृत्व की पोल खोल कर रख दी है. सीपी ठाकुर ने स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी ने टिकट देने में भूमिहार समाज की उपेक्षा की है. इस कारण से इस समाज में भारी नाराजगी है. सीपी ठाकुर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने इस बार के लोकसभा चुनाव में भूमिहारों को सिर्फ एक टिकट दिया है. पूरे बिहार में इसका मैसेज गलत गया है. लिहाजा लोगों में भारी आक्रोश है.

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