बीजेपी के इतिहास में पहली बार किसी ब्राह्मण को बिहार से राज्यसभा भेजेगी पार्टी, आखिर ऐसा क्यों हुआ,पढ़िए इनसाईड स्टोरी........

बीजेपी के इतिहास में पहली बार किसी ब्राह्मण को बिहार से राज्यसभा भेजेगी पार्टी, आखिर ऐसा क्यों हुआ,पढ़िए इनसाईड स्टोरी........

PATNA: बीजेपी के इतिहास में पहली बार बिहार से किसी ब्राह्मण को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है।सतीशचंद्र दुबे का अब राज्यसभा जाना तय है।लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आजादी से लेकर अबतक बिहार से किसी ब्राह्मण को राज्यसभा भेजने से परहेज करने वाली पार्टी का मन अचानक बदल कैसे गया...आखिर हुआ क्या कि पार्टी ने सतीश चंद्र दुबे को उम्मीदवार बनाया?

ब्रह्मजन की मुहिम का हुआ असर

याद कीजिए जब लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज गया था। बीजेपी में टिकट का बंटवारा किया गया था जिसमें ब्रह्मजनों यानि भूमिहार-ब्राह्मण को हाशिये पर ढ़केल दिया गया था। टिकट बंटवारे से आहत पार्टी के नेता और विधानपार्षद सच्चिदानंद राय ने सबसे पहले आवाज बुलंद की थी।उन्होंने  बीजेपी के भीतर ब्रह्मजन के हक को लेकर आँदोलन की शुरूआत कर दी। बीजेपी एमएलसी ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए खुद महाराजगंज से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया । साथ हीं बिहार के कई अन्य लोकसभा क्षेत्रों से भी ब्रह्मजन को उम्मीदवार बनाने का खुला ऐलाना कर दिया। उऩके इस ऐलान से बीजेपी के भीतर खळबली मच गई थी।पार्टी को भय सताने लगा था कि अगर ऐसा हुआ तो फिर भूमिहार बिरादरी के वोट का बड़ा नुकसान हो सकता है।इसी बीच बाल्मिकी नगर से बेटिकट कर दिए गए सतीशचंद्र दूबे भी साथ हो गए और पार्टी के भीतर रहकर हीं अपनी मांगों को बुलंदी के साथ उठाया। टिकट कटने से नाराज सतीशचंद्र दूबे बाल्मिकी नगर और बीजेपी एमएलसी सच्चिदानंद राय महाराजगंज से चुनाव लड़ने पर अड़ गए।इन दो नेताओं के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बीजेपी नेतृत्व सकते में आ गया।

फिर डैमेज कंट्रोल की हुई शुरूआत

फिर डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू हुई। भीतर हीं भीतर नाराज नेताओं को मनाने की कवायद शुरू हुई।लेकिन पार्टी नेतृत्व की सारी कवायद फेल दिखने लगी, इसके बाद बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेन्द्र यादव पार्टी के विधानपार्षद सच्चिदानंद राय को मनाने में जुटे।जब बात नहीं बनी तो बीजेपी प्रभारी ने सच्चिदानंद राय और सतीशचंद्र दूबे को स्पेशल विमान से पहले उड़ीसा ले गए फिर वहां से दिल्ली ले जाया गया।दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कराई गई।बीजेपी विधानपार्षद ने पार्टी अध्यक्ष के सामने टिकट वितरण में ब्रह्मजनों की उपेक्षा की बात को मजबूती से रखा। अमित शाह ने इस बात को स्वीकार किया कि बिहार में निश्चित तौर पर ब्रह्मजन की उपेक्षा हुई है। बीजेपी अध्यक्ष ने नाराज नेताओं को आश्वासन दिया था कि आपकी शिकायत दूर होगी।खुद अमित शाह ने बिहार प्रभारी भूपेन्द्र यादव को सच्चिदानंद राय और सतीशचंद्र दूबे को पटना ले जाकर ऐलान करने को कहा कि आने वाले दिनों में राज्यसभा और विधानपरिषद की सीट ब्रहमजन समाज को दी जाएगी,ताकि लोकसभा चुनाव में सीटों की क्षति की भरपाई की जा सके।

अमित शाह के आदेश के बाद पटना में भूपेन्द्र यादव ने सच्चिदानंद राय और सतीशचंद्र दूबे के साथ प्रेस कांफ्रेंस किया और ऐलान किया कि ब्रह्मजनों की जो उपेक्षा हुई है उसे भविष्य़ में भरपाई कर दिया जाएगा।तब जाकर बीजेपी विधानपार्षद सच्चिदानंद राय ने महाराजगंज से और सतीशचंद्र दूबे बाल्मिकी नगर से चुनाव लड़ने के निर्णय को वापस लिया।बीजेपी एमएलसी सच्चिदानंद राय ने जो बीजेपी के भीतर ब्रह्मजन के हक को लेकर जो आवाज बुलंद किया था उसका असर अब साफ-साफ दिखने लगा है । पार्टी नेतृत्व ने सतीशचंद्र दूबे को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर यह मैसेज दे दिया है।

Find Us on Facebook

Trending News