कटघरे में BJP नेताः पूर्व CM मांझी की मांग- पत्रकार पर प्राथमिकी मामले की हो उच्चस्तरीय जांच, कार्रवाई बिल्कुल गलत

कटघरे में BJP नेताः पूर्व CM मांझी की मांग- पत्रकार पर प्राथमिकी मामले की हो उच्चस्तरीय जांच, कार्रवाई बिल्कुल गलत

PATNA: एक पत्रकार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के संसदीय क्षेत्र में एंबुलेंस का सच दिखाना महंगा पड़ गया। रिपोर्टर ने अपने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन करते हुए इस कोरोना महामारी में वही किया जो एक पत्रकार को करना चाहिए था। बक्सर में एक पत्रकार ने जब केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री के संसदीय क्षेत्र से जुड़े एंबुलेंस प्रकरण में जब मंत्री को आईना दिखाया तो माननीय गुस्से में लाल हो गये। पत्रकार ने एक नहीं बल्कि एंबुलेंस से जुड़ी कई खबरों को प्रकाशित किया। इस प्रकरण में स्थानीय सांसद की पूरी पोल-पट्टी खुल रही थी। भला बीजेपी नेता यह कैसे बर्दाश्त कर सकते थे। लिहाजा ईटीवी भारत के संवाददाता उमेश पांडेय पर एफआईआर दर्ज करा दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे को आईना दिखाने पर बीजेपी नेता द्वारा कराये गए मुकदमा के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। तेजस्वी यादव के बाद अब सत्ताधारी दल के नेता खुलकर सामने आ गए हैं। जीतन राम मांझी ने इस कार्रवाई को गलत ठहराया है।

उच्चस्तरीय जांच हो-मांझी

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने बिना नाम लिये अश्विनी चौबे पर करारा वार किया है। मांझी ने ट्वीट कर कहा कि पत्रकार उमेश पांडेय प्राथमिकी मामले की उच्चस्तरीय जाँच होनी चाहिए।पत्रकार ही हैं जो निःस्वार्थ भावना से हमारी कमियों को हमसे रू-ब-रू करवातें हैं उनके उपर इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं।

आईना दिखाने पर बिलबिला उठे बीजेपी नेता

एफआईआर बीजेपी नेता और बक्सर विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी परशुराम चतुर्वेदी ने दर्ज कराई है. बक्सर के सदर थाना में उनपर 500, 506, 290, 420 और धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बीजेपी नेता परशुराम चतुर्वेदी ने उमेश पांडेय पर धमकाने, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और बीजेपी की छवि धूमिल करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं. 

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