बीजेपी का स्थापना दिवस आज, अटल से मोदी तक कुछ ऐसा रहा है पार्टी का राजनीतिक सफर

बीजेपी का स्थापना दिवस आज, अटल से मोदी तक कुछ ऐसा रहा है पार्टी का राजनीतिक सफर

NEWS4NATION DESK : 6 अप्रैल का इतिहास में खास अहमियत है। आज ही के दिन 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। महज 2 लोकसभा सीट से सत्ता पर काबिज होने तक में बीजेपी की तिकड़ी स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का बड़ा योगदान रहा है। इस तिकड़ी की मेहनत का नतीजा है कि आज भाजपा देश की सबसे मजबूत पार्टी है और सत्ता पर काबिज है। 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित भारतीय जन संघ से इस नई पार्टी का जन्म हुआ। 1977 में आपातकाल की घोषणा के बाद जनसंघ का कई अन्य दलों से विलय हुआ और जनता पार्टी का उदय हुआ। पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और 1980 में जनता पार्टी को भंग करके भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी गई।

आपातकाल हटने के बाद 1977 में जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया था और इंदिरा गांधी को चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 1980 में जनता पार्टी आपसी स्पर्धा की शिकार हो गई, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। 

अपने स्थापना के शुरुआती दौर में बीजेपी की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। लोकसभा में महज दो सीट ही इसके पास थी, लेकिन 1989 में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन हुआ। इसके बाद भाजपा की लोकसभा सीटें दो से बढ़कर 85 पर पहुंच गईं।

बीजेपी के स्वर्णिम काल की शुरुआत 1990-91 से शुरु हुई। पार्टी के संस्थापकों में एक लालकृष्ण आडवाणी ने  सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा प्रारंभ की। रथ यात्रा को तब बिहार के मुख्यमंत्री ने लालू यादव ने रोक दिया था। 1991 के आम चुनाव में भाजपा 85 से बढ़कर 120 सीटों पर पहुंच गई।  

वर्ष 1993 से बीजेपी का राज्यों में कद बढ़ना शुरु हुआ। भारतीय जनता पार्टी का आधार उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बढ़ने लगा था। साथ ही 1995 आते-आते बिहार, ओडिशा, गोवा, गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा के टिकट पर विधायक चुनाव जीत रहे थे।

1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 161 सीटें जीतीं। अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन 13 दिनों के बाद ही सरकार गिर गई। भाजपा ने 1998 में जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी एकबार फिर प्रधानमंत्री बन गए।

वर्ष 1999 में एनडीए ने 303 सीटें जीतीं और अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। लेकिन 2004 में समय से छह महीने पहले ही चुनाव कराया गया और इंडिया शाइनिंग के नारे के बावजूद एनडीए हार गई।

2008 में भाजपा ने दक्षिण राज्य कर्नाटक में पहली बार सरकार बना ली। लेकिन 2009 का लोकसभा चुनाव भाजपा हार गई और सीटें घटकर 116 हो गईं।

2014 लोकसभा चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण था। एक तरफ यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे तो दूसरी तरफ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। 26 मई को नतीजे आए तो सभी आश्चर्यचिकत रह गए। भाजपा अपने दम पर 282 सीटें लेकर आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 में एकबार फिर देश में आम चुनाव होने जा रहा है और बीजेपी एकबार फिर देश के सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी कांग्रेस  को मात देने की तैयारी में जुटी है। 

Find Us on Facebook

Trending News