बंगाल में जीत के लिए क्या होगी भाजपा की रणनीति, पढ़िए पूरी खबर

बंगाल में जीत के लिए क्या होगी भाजपा की रणनीति, पढ़िए पूरी खबर

NEWS4NATION DESK : एक समय था जब पश्चिम बंगाल में सीपीआई और तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर किसी पार्टी का खाता नहीं खुलता था. 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहाँ 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस जिसने 2014 के लोकसभा चुनाव में 34 सीटें जीती थी 2019 में वह सिमटकर 22 पर आ गयी है.कांग्रेस पार्टी चार से सिमटकर दो पर आ गयी है. जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई का खाता भी नहीं खुला है. बंगाल में जीत के बाद भाजपा खासी उत्साहित है. अब वह 2021 में होनेवाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गयी है. पार्टी ने इसके लिए मिशन 250 तय कर लिया है. बताते चलें की पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं. 

दो मोर्चे पर काम 

2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा दो मोर्चे पर काम कर रही है. भाजपा के अभी पश्चिम बंगाल विधानसभा में छः विधायक है. 2021 में पार्टी इसे बढाकर 250 करना चाहती है. इसके लिए वह तृणमूल कांग्रेस के जनाधार वाले नेताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयासरत है. दूसरा वह भारतीय जनता पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देना चाहती है. 

बंगाल के हित पर काम  

पश्चिम बंगाल में जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा और कई मोर्चे पर आगे बढ़ रही है. ममता बनर्जी बांगला गौरव को लेकर लोगों को अपने पक्ष में करने का प्रयास करती हैं. इसके जवाब में भाजपा बंगालियों के हित की बातें कर रही है. यह मुद्दा उठाकर वह बंगाली समाज से जुड़ने की कोशिश में जुटी है. भाजपा ने इसके अलावा नौकरियों के अवसर पैदा करने, नागरिक संशोधन विधेयक लाने और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस तैयार करने का वादा किया है. इस तरह भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने का प्लान तैयार कर चुकी है. सीपीआई के शासनकाल में बंगाल में औदयोगीकरण रसातल में चली गयी थी. भाजपा इसका विकास कर राज्य में रोजगार का सृजन करना चाहती है. भाजपा का मानना है की उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में 23 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था. उसमें 18 सीटों पर उसकी जीत हुई थी. पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 250 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है जिसके लिए जी तोड़ मेहनत किया जायेगा.   


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