भूमिहार होने के कारण भाजपा ने बनाया निशाना, इस्तीफे पर कार्तिक सिंह का बड़ा बयान, बीजेपी को पच नहीं रहा राजद ने कैसे बनाया ब्रह्मर्षि को मंत्री

भूमिहार होने के कारण भाजपा ने बनाया निशाना, इस्तीफे पर कार्तिक सिंह का बड़ा बयान, बीजेपी को पच नहीं रहा राजद ने कैसे बनाया ब्रह्मर्षि को मंत्री

पटना. मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को कार्तिक सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भूमिहार होने के कारण भाजपा उन्हें निशाना बना रही थी. राजद की ओर से भूमिहार कोटे से उन्हें  मंत्री बनाया जो भाजपा को अपच हो रहा था. भाजपा की ओर से पिछले 15 दिनों से भूमिहार होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा था. उन पर लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोप को भाजपा के लोग बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे थे. इससे निजी छवि धूमिल होने के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राजद और सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा था. इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया. 

कार्तिक ने कह कि उनका पूरा जीवन गैर विवादित रहा है. उनके पिता शिक्षक रहे हैं. वे भी 28 वर्ष तक शिक्षक रहे. बाद में वर्ष 2015 में एक अपहरण के मामले में उनका नाम घटना के नौ महीने बाद जोड़ा गया. घटना के दिन घटनास्थल से 5 किलोमीटर दूर स्थित एक गाड़ी में कार्तिक सिंह उर्फ मास्टर के होने की बात कही गई जो फर्जी तरीके से फंसाने का मामला था. उन्होंने कहा कि इस मामले में वे कोर्ट से जमानत पर थे लेकिन कोरोना काल में कुछ व्यवधान की वजह से कोर्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष एमएलसी चुने जाने के बाद जब राजद ने भूमिहार कोटे से महागठबंधन सरकार में मुझे मंत्री बनाया तो भाजपा के लोगों ने भूमिहार होने के कारण मुझे निशाना बनाना शुरू किया. जानबूझकर मेरे नाम को घसीटा गया है. पिछले 15 दिनों से इसे भाजपा के लोग गलत तरीके से पेश करते रहे. उन्होंने कहा कि मोकामा से पिछले 17 साल से विधायक रहे अनंत सिंह से उनकी नजदीकियां हैं, यह सच है. इतना ही नहीं अनंत सिंह के भाई भी मोकामा के विधायक रहे और वे उनसे भी परिचित रहे क्योंकि उनका पैतृक गांव मोकामा में है. लेकिन इससे उनके किसी अपराध में संलिप्त होने का सवाल नहीं उठता. 

उन्होंने कहा कि बेबुनियाद आरोपों के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मेरी तथा मेरी पार्टी की छवि धूमिल हो रही थी. प्रतिष्ठा पर आ रही आंच को देखते हुए मैंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है. अदालत की पर पूरा भरोसा है और अदालती फैसला आने के बाद फिर से पार्टी जो भी जवाबदेही और जिम्मेदारी देगी उसे निभाऊंगा. 


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