सुरेंद्र यादव को मंत्री बनाकर CM नीतीश ने किया बिहार को शर्मसार, सुशील मोदी का बड़ा प्रहार

सुरेंद्र यादव को मंत्री बनाकर CM नीतीश ने किया बिहार को शर्मसार, सुशील मोदी का बड़ा प्रहार

पटना. नीतीश सरकार में मंत्री बनने वाले सुरेन्द्र यादव को लेकर भाजपा सांसद सुशील मोदी ने रविवार को जोरदार प्रहार किया. उन्होंने कहा कि कई गंभीर आपराधिक आरोपों से घिरे व्यक्ति को मंत्रिमंडल में शामिल कर नीतीश कुमार ने बिहार को शर्मसार किया है. उन्होंने कहा, बाल यौन अपराध, महिला आरक्षण बिल की कापी संसद में फाड़ने वाले, अतुल अपहरण कांड, मेडिकल छात्रों पर फायरिंग, तिलकुट व्यापारियों से हिंसक झड़प, कांग्रेस के पूर्व विधायक की निर्मम पिटाई के आरोपी सुरेंद्र यादव हैं. लेकिन उन्हें नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है. 

सुशील मोदी ने सुरेन्द्र यादव से जुड़े मामलों को बिंदुवार बताते हुए कहा कि 15 जून, 2018 को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़ित लड़की को मगध मेडिकल कॉलेज में मेडिकल जांच हेतु लाया गया। सुरेंद्र यादव सहित 25-30 लोगों ने पीड़ित नाबालिग लड़की जो पुलिस संरक्षण में थी जबरदस्ती उसे गाड़ी से उतारकर उसका बयान लेना चाहा और इस दौरान उसका चेहरा उजागर कर दिया। यह मामला बाल यौन अपराध से जुड़ा है। इस मामले में सुरेंद्र यादव पर POCSO Act की धारा 13 के तहत मामला दर्ज हुआ। सुरेंद्र यादव चार्जशीटेड है, जमानत पर है, चार्ज फ्रेम हो चुका है और मामले का ट्रायल चल रहा है।

इसी तरह इसी सप्ताह प्रेम प्रकाश जिसके घर से झारखंड में 2 एके-47 बरामद किया गया उसका संबंध भी सुरेंद्र यादव से है। 2006 में प्रेम प्रकाश राजभवन स्टेट बैंक में पदाधिकारी था, उसने चारा घोटाला से जुड़े राजनेताओं की करोड़ों की राशि जो उसे अमानत के तौर पर रखने के लिए दी गई थी,  वह उसे लेकर फरार हो गया । राजनीतिक दबाव में पटना पुलिस हवाई जहाज प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार करने बड़ौदा गई | पुलिस  उसके छोटे भाई अतुल प्रकाश को गिरफ्तार कर ला रही थी, इस दौरान गया में अतुल प्रकाश को ट्रेन से उतार कर पुलिस कस्टडी से अतुल का अपहरण कर सुरेन्द्र यादव, राज्य मंत्री, एक्साइज ने 4 दिनों तक घर में बंद रख यातनाएं दी। पुलिस ने किसी तरह सुरेंद्र यादव के घर से अतुल को बरामद किया । इस मामले में सुरेंद्र यादव को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा । लंबे समय तक सुरेंद्र यादव को जेल में रहना पड़ा था। इस घटना ने पूरे बिहार को हिला दिया था।

वहीं, 1998 में लोकसभा में तत्कालीन गृह मंत्री से लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से महिला आरक्षण बिल की प्रति को फाड़ कर पूरे देश में बिहार को शर्मसार किया था । 31 जनवरी, 2011 मगध मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों से झड़प हो गई । सुरेंद्र यादव के निर्देश पर उनके अंगरक्षकों ने गोली चला दी जिसमें 3 जूनियर डॉक्टरों को गोली लग गई। डॉक्टरों ने पुलिस जीप में आग लगा दी थी । सुरेंद्र यादव को भागना पड़ा। इस मामले में उन पर गिरफ्तारी का वारंट भी निकला।

एक अन्य मामला  श्री राम तिलकुट भंडार, गया से जुड़ा है. सुरेंद्र यादव की झड़प गया के तिलकुट व्यापारी से हो गई। यादव एवं उनके अंगरक्षकों ने दुकानदार को बुरी तरह से पीट दिया। तिलकुट दुकानदारों में से कुछ लोगों ने आत्म रक्षार्थ गर्म कड़ाही का तेल सुरेंद्र यादव पर फेंक दिया। यादव बुरी तरह जल गए। उन्हें दुकानदारों के आक्रोश के कारण भागना पड़ा। अगले दिन दुकानदारों ने पूरा बाजार बंद रखा।

1991 लोकसभा चुनाव में गया से जीतन राम मांझी कांग्रेस के उम्मीदवार थे। सुरेंद्र यादव ने गया के पूर्व विधायक जय कुमार पालित की बुरी तरह से पिटाई कर दी। गंभीर अवस्था में पालित को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। ईडी ने सुरेंद्र यादव के भाई राजकुमार उर्फ मंटू यादव की 9.26 करोड़ की संपत्ति को 2014 में जप्त कर लिया। 2012 में जहरीली शराब कांड जिसमें 20 लोग मरे थे उसका मंटू अभियुक्त था। ईडी ने देहरादून में दो मकान, गया में मार्केट कंपलेक्स, आलीशान मकान, गया और आसपास 15 प्लॉट जप्त कर लिया। मंटू यादव पर हत्या, अपहरण, रंगदारी के 11 मामले दर्ज थे। उन्होंने कहा कि दोबारा मंत्री बनने के एक सप्ताह बाद गया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरेन्द्र यादव ने 'बोका....' शब्द का प्रयोग कर बिहार की छवि को खराब किया है। 

सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से मांग की कि गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपी एवं भ्रष्टाचार के आरोपों में चार्जशीटेड लोगों को अविलम्ब मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करें. सुरेन्द्र यादव का मंत्री होना बिहार को शर्मसार करता है. नीतीश कुमार ऐसे लोगों को मंत्री बनाकर बिहार की कैसी छवि पेश करना चाहते हैं. 


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