बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर कल से फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे अभ्यर्थी, सरकार पर लगाया ये आरोप

बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर कल से फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे अभ्यर्थी, सरकार पर लगाया ये आरोप

पटना. राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों पर सरकार की ओर से विज्ञापन जारी नहीं करने के विरोध में शुक्रवार से फिर शिक्षक अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन आन्दोलन करने का ऐलान किया है। बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव तथा नितेश पांडेय ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इसी साल 26 मई को जुलाई के अंत तक विज्ञापन जारी करने से संबंधित शेड्यूल जारी किया था, लेकिन अब तक विज्ञप्ति जारी नहीं हो सकी है। ऐसी परिस्थिति में आन्दोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

उन्होंने सरकार पर जान बूझकर टाल मटोल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से शिक्षक अभ्यर्थी सातवें चरण की प्राथमिक विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर गर्दनीबाग में शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आन्दोलन करेंगे। बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ के बैनर तले सातवें चरण की प्राथमिक शिक्षक बहाली की विज्ञप्ति जारी करने को लेकर लंबे समय से आन्दोलन होता रहा है। मई महीने में 22 दिनों के आन्दोलन के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों को विज्ञापन का शेड्यूल मिला था, जिसमें जुलाई के अंतिम सप्ताह में विज्ञप्ति जारी करने की बात कही गयी थी।

जुलाई में तय शेड्यूल के बाबजूद विज्ञप्ति जारी नही होने से निराश शिक्षक अभ्यर्थियों ने 1 अगस्त से लगातर पटना की सड़कों पर प्रदर्शन किया। 22 अगस्त को डाकबंगला चौराहे को अभ्यर्थियों ने चार घंटे अपने कब्जे में रखा था। शिक्षक अभ्यर्थियों का यह आन्दोलन देशव्यापी बना था। बाद में नए शिक्षा मंत्री के बहुत जल्द विज्ञप्ति जारी करने के अश्वशन के बाद आन्दोलन स्थगित हुआ था। संघ के महिला प्रदेश अध्यक्ष पुष्पलता यादव एवं अनामिका ने बताया कि उन्होंने 2019 में ही सीटेट की परीक्षा पास की है। लेकिन विज्ञप्ति जारी नहीं होने से अब तक वे सड़क पर हैं तथा उन्हें आन्दोलन के अलावा दूसरे विकल्प नहीं बचा है।

प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव तथा अनीश सिंह ने बताया कि राज्य के कोने-कोने से बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी गर्दनीबाग धरनास्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। विज्ञप्ति जारी नहीं होने तक यह आंदोलन अनवरत चलता रहेगा। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मीकू पाल तथा कुमार सत्यम ने बताया कि सातवें चरण के तहत 80 हजार से अधिक सीटों पर शिक्षकों का नियोजन होना है, लेकिन शिक्षा विभाग उनकी मांगों पर गंभीर नहीं है।

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