तिरंगे के सम्मान को लेकर प्राचार्य और छात्रों के बीच उत्पन्न हुआ विवाद पहुंचा पुलिस थाना, मामले में विधायक की एंट्री के बाद प्राचार्य पर भी मामला दर्ज

तिरंगे के सम्मान को लेकर प्राचार्य और छात्रों के बीच उत्पन्न हुआ विवाद पहुंचा पुलिस थाना, मामले में विधायक की एंट्री के बाद प्राचार्य पर भी मामला दर्ज

औरंगाबाद. मगध विश्वविद्यालय के अंगीभूत प्रतिष्ठित सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज में 75वें स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पूर्व तिरंगे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने को लेकर छात्रों और प्राचार्य के बीच शुरू हुई मुंछ की लड़ाई अब थाना पुलिस तक पहुंच गई है. पुलिस ने देर से ही सही पर दोनो पक्षों की प्राथमिकी दर्ज कर ली है. गौरतलब है कि 13 अगस्त को कुछ छात्रों को यह बात संज्ञान में आया कि कॉलेज परिसर में नियमित रूप से फहर रहा तिरंगा फटा हुआ. मामला संज्ञान में आते ही छात्रों ने इसकी लिखित शिकायत कॉलेज के प्राचार्य से करते हुए फटे हुए राष्ट्रध्वज को तत्काल बदले जाने की मांग कर दी.

उस वक्त प्राचार्य ने छात्रों को यह कहकर टाल दिया कि दो दिन बाद स्वतंत्रता दिवस के दिन झंडा तो बदला ही जाएगा. साथ ही उन्हे कॉलेज में किसी बहाने राजनीति करने के बजाय पढ़ने लिखने की सलाह दी. छात्रों को तिरंगे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने को प्राचार्य द्वारा राजनीति करार दे देना नागवार गुजरा और विरोध में उन्होंने न केवल कॉलेज परिसर में प्राचार्य के नाम पर लगे शिलापट्ट पर कालिख पोत डाली, बल्कि फटा हुआ तिरंगा लहराने का वीडियो वायरल करते हुए प्राचार्य के खिलाफ तिरंगे का अपमान करने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए औरंगाबाद नगर थाना में आवेदन तक दे डाला.

हालांकि प्राचार्य के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी तो दर्ज नहीं हुई पर औरंगाबाद के वियायक आनंद शंकर सिंह ने जब मामले में एंट्री मारी तो प्राचार्य पर प्राथमिकी दर्ज हो गई है. इस मामले में प्राचार्य में पहले नहला पर दहला मारते हुए उल्टे छात्रों पर कॉलेज में उपद्रव और तोड़फोड़ करने के आरोप में प्राथमिकी पहले ही दर्ज करा दी. छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज होते ही औरंगाबाद के कांग्रेस विधायक आनंद शंकर सिंह छात्रों के समर्थन में उतर आये.

समर्थन में उतरे विधायक एनएसयूआई के छात्र नेताओं को साथ लेकर कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने नगर थाना पहुंच गये. वहां छात्रों ने नगर थानाध्यक्ष को प्राचार्य के खिलाफ नया आवेदन देते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की. विधायक की एंट्री के साथ ही छात्रों के आवेदन के आलोक में प्राचार्य प़र भी तिरंगे के अपमान की प्राथमिकी दर्ज हो गई है. हालांकि इस पूरे प्रकरण में विधायक ने प्राचार्य को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें एक दल विशेष का एजेंट और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला प्राचार्य करार दिया है.

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