विक्रमशिला सेतु के मरम्मत का फंस गया पेंच, केंद्र ने 23 करोड़ की राशि देने से किया इंकार, बिहार सरकार ने कहा...

विक्रमशिला सेतु के मरम्मत का फंस गया पेंच, केंद्र ने 23 करोड़ की राशि देने से किया इंकार, बिहार सरकार ने कहा...

PATNA : बिहार में डबल इंजन की सरकार टूट जाने का असर अब दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने जहाँ विक्रमशिला सेतु पर बने गड्ढे को ठीक करने के लिए भेजे गए फाइल को लौटा दिया है। इसमें केंद्र सरकार से 23 करोड़ रूपये की मांग गयी थी। वहीँ राज्य सरकार ने इसके मेंटनेन्स की पूरी जिम्मेवारी केंद्र सरकार की बताकर पल्ला झाड़ लिया है।

 

दरअसल पूरे सेतु पर 86 ज्वाइंट्स हैं। जो दो पिलर के बीच में हैं। इनमें 68 के समीप गड्ढे हैं। 23 गड्डे जानलेवा बताये जा रहे हैं। गड्ढे की साइज परिधि में ढाई फीट चौड़ी है। इसमें फंस कर गाड़ियों के गुल्ले टूट जाते है। लोड ट्रक एक फीट तक उछल जाता है। इससे पुल के धंसने का खतरा है। 64 ढक्कन में 31 क्षतिग्रस्त हैं। ढक्कन के अंदर का छड़ दिखने लगा है। साइडवॉल टूट गया है। दोनों साइड में 17 जगहों पर यह टूटी हुई है। पीलर संख्या 47 से 49 तक टूटी रेलिंग खतरनाक है। 

इसके मरम्मत के लिए भागलपुर स्थित राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल ने केंद्र सरकार को भेजा था। लेकिन केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यह टिप्पणी करते हुए फाइल लौटा दिया की पुल के सामानांतर नए पुल का निर्माण चल रहा है। इसके तैयार होने तक राज्य सरकार विक्रमशिला सेतु की मरम्मत करे। 

लेकिन 23 करोड रूपये देने की असमर्थता जताते हुए राज्य सरकार की ओर से कहा गया है की जब तक यह पुल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधीन था, तबतक इसकी जिम्मेवारी सरकार की थी। लेकिन अब इसे एनएच घोषित कर दिया गया है। जिसके बाद इसके मरम्मत की जिम्मेवारी केंद्र सरकार की हो जाती है।


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