आंगनबाड़ी केंद्रों में मना वजन दिवस, अभिभावकों को बताई गई वजन के अनुपात लंबाई का महत्व

आंगनबाड़ी केंद्रों में मना वजन दिवस, अभिभावकों को बताई गई वजन के अनुपात लंबाई का महत्व

CHAPRA : पोषण पखवारा के अंतर्गत छपरा के सदर अस्पताल में वजन दिवस मनाया गया। इस दौरान बचच्चों का वजन और ऊंचाई नापी गई और इसके महत्व के विषय में अभिभावकों को जानकारी दी गई। छपरा सदर की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की निगरानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने वजन करने के बाद कुपोषित बच्चों को पोषक आहार देने के विषय में अभिभावकों को जानकारी दी। कुपोषित बच्चों को नियमित पोषाहार खिलाने की सलाह देते हुए आईसीडीएस के अंतर्गत दी जाने वाली पोषाहार एवं टेक होम राशन के विषय में भी बताया गया।

सदर सीडीपीओ उर्वशी ने बताया कि बच्चों में बौनापन कुपोषण की पहचान होती है। बच्चों में उम्र के हिसाब से लंबाई नहीं बढने से बौनापन होता है। इसको ध्यान में रखने हुए वजन दिवस का आयोजन किया गया। उम्र के अनुसार बच्चों का सही वजन जरुरी होता है। जन्म के समय जिन बच्चों का वजन 2 किलोग्राम से कम रहता है उन बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार एक औसत स्वस्थ बच्चे का वजन उसकी 3 से 7 वर्ष तक की आयु पर प्रति वर्ष 2 किलोग्राम की दर के अनुसार बढ़ता है और उसके बाद पूर्ण वयस्क होने तक प्रति वर्ष 3 किलोग्राम की दर के अनुसार बढ़ता है।

इस अवसर पर पर्यवेक्षिका गुड़िया, श्रुतिरानी एवं रजनी बाला उपस्थित थी।

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