बाबा की नगरी में जुटी सरकार, श्रावणी मेला को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए कई निर्देश

बाबा की नगरी में जुटी सरकार, श्रावणी मेला को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए कई निर्देश

DEVGHAR : 17 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो जाएगी. इसके बाद देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में कांवरियों के जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो जायेगा. केवल देश ही विदेश से भी यहाँ के श्रावणी मेले की ख्याति है. राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से इस मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी है. इसी सिलसिले में मंगलवार को देवघर परिसदन में बैद्यनाथ धाम बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार की कार्यकारी परिषद (श्राईन बोर्ड) की बैठक आयोजित की गयी. सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास इस बैठक में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता और विनम्रता श्रावणी मेला की मूल संवेदना रहनी चाहिए. देश दुनिया से जो भी आये वह एक अच्छा संदेश लेकर जाए. देवघर की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में बने. साफ सफाई का प्रबंधन इस प्रकार हो कि वे एक जगह न रहकर सभी ओर रहें और लगातार साफ सफाई होती रहे. सभी कांवरिया हमारे अतिथि हैं और इसी भावना से न केवल सरकार बल्कि समस्त देवघरवासी उनके लिए भावना रखें और उसे प्रदर्शित भी करें. हम सब यह महसूस करें कि हम बाबा की ओर से कांवरियों के सेवक हैं. उन्होंने कहा कि श्राईन बोर्ड की बैठक प्रत्येक 3 माह पर होनी चाहिए.  

स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर और बासुकीनाथ धाम में प्रशासन स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद रखें. पंडा समाज, चेंबर के लोग, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि से नियमित वार्ता कर सुझाव लें.

नवीनता के साथ पौराणिकता का भी महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनता के साथ पौराणिकता का भी महत्व है. नवीनता को अपनाए पर पौराणिकता को भी बनाये रखें. 

सभी कांवरियों के साथ अपना व्यवहार विनम्र रखें

देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सिविल डिफेंस के 100 लोग मेला में तैनात किये जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा भावना से सबको कार्य पर लगाया जाये. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि पुलिस बल के लोग और प्रशासन के लोग जो भी ड्यूटी पर रहें. सभी कांवरियों के साथ अपना व्यवहार विनम्र रखें. झुंझलाहट और अपशब्द पूरी तरह सबकी डिक्शनरी से गायब रहे.

सब जगह फायर सिक्योरिटी सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि फायर सिक्योरिटी सिस्टम मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में रहे. किसी भी तरह की आगजनी की घटना ना हो इसका आकलन कर के इसे प्राथमिकता दें. 

चाक चौबन्द रहे व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था चाक चौबन्द होनी चाहिए. पूरे शहर में वैकल्पिक व्यवस्था के साथ रोशनी रहे. कहीं भी अंधेरा ना रहे. अस्पताल और हेल्थ सेंटर में डॉक्टर मौजूद रहें तथा एम्बुलेंस प्रत्येक लोकेशन पर रहे. एनडीआरएफ की टीम और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे. सभी थाना और ओपी संवेदनशील रहें. पार्किंग और यातायात में कोई समस्या न आये. देवघर और दुमका में कोई टोल टैक्स ना रहे, ताकि गाड़ियों के आने से जाम न लगें. 

सरदार पंडा हमारी सम्मानित व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पंडा हमारी सम्मानित व्यवस्था है, इनको आवश्यक सुविधा और सहूलियत दी जाय.

बैठक में श्राईन बोर्ड के सदस्यों ने भी कई सुझाव दिया. वहीँ मेला से सम्बंधित आय व्यय के प्रस्तावों को पारित किया गया. इस मौके पर पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, विधायक नारायण दास, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त के के खंडेलवाल, डीजीपी कमल नयन चौबे, पंडाधर्म रक्षिणीसभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, अभय कांत प्रसाद, एडीजी स्पेशल ब्रांच  अजय कुमार सिंह, आई जी ऑपरेशन्स आशीष बत्रा, आयुक्त विमल, डीआईजी राज कुमार लकड़ा, देवघर और दुमका के डीसी और एसपी सहित अन्य अधिकारी और बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे. 

देवघर से राजीव की रिपोर्ट 

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