मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करकटगढ़ जलप्रपात का किया भ्रमण, कहा ईको टूरिज्म के रूप में किया जायेगा विकसित

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करकटगढ़ जलप्रपात का किया भ्रमण, कहा ईको टूरिज्म के रूप में किया जायेगा विकसित

KAIMUR : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैमूर जिलान्तर्गत करकटगढ़ जलप्रपात का भ्रमण किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने करकटगढ़ जलप्रपात में की गई व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि करकटगढ़ में एक तरफ जहाँ कलकल झरने की गुंज सुनाई देती है तो वहीं दूसरी तरफ जल पक्षियों का कलरव संगीत भी सुनाई देता है। यह मगरमच्छ के प्राकृतिक स्थल के रूप में अलग महत्व रखता है। यह जलप्रपात अपने स्व-संरक्षित जलाशय के कारण आसपास के गाँवों का सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन है। करकटगढ़ जलप्रपात दृश्य के बारे में भी मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी गयी।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि करकटगढ़ में अद्भूत और मनोरम झरना है। यह एक रमणीक स्थल है। यहाँ पानी का फ्लो काफी तेज है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं और उन्हें यहां अच्छा महसूस होता है। उन्होंने कहा कि करकटगढ़ को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करें। पर्यटकों की सुविधा के लिये कँटिन की व्यवस्था हो। कैंटीन चालू होने से पर्यटकों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटकों के लिये पार्किंग की सुविधा हो, इसके लिये क्षेत्र निश्चित कर पार्किंग की व्यवस्था की जाय। यहाँ गहन वृक्षारोपण की भी जरूरत है। जो वर्षापात होता है उसके लिये जल संचयन योजना को भी कार्यान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि करकटगढ़ जलप्रपात की पब्लिसिटी हो जायेगी तो यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक आयेंगे। स्कूली बच्चों को भी इन सब जगहों को दिखाने की आवश्यकता है। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने मडहाउस का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि मडहाउस में स्थानीय महिलाओं की कला और पेंटिंग को डिसप्ले किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने क्रोकोडाइल डिसप्ले प्वाईंट का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को यहाँ पर एक सुसज्जित फॉरेस्ट गेस्ट हाउस का भी निर्माण कराने का निर्देश दिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री के करकटगढ़ पहुँचने पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं ने भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया।


करकटगढ़ जलप्रपात का भ्रमण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जगह के बारे में जब जानकारी मिली थी तो मेरी इच्छी हुई कि इस जगह को आकर देखें। वर्ष 2019 के जनवरी माह में हम यहां आये थे। यह काफी खूबसूरत और बढ़िया जगह है। टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर यहां काम कराया गया है। यहां की परिस्थिति काफी बदली है। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इसका और विकास किया जायेगा। पिछले 2 वर्ष से कोरोना को लेकर एक्टिविटी कम हो गयी थी। मेरे मन में इच्छा हुई कि एक बार फिर यहां आकर इसे देखें। करकटगढ़ जलप्रपात को और कैसे विकसित करना है इसको लेकर आज भी चर्चा हुई है। काफी संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं, भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ेगी। यह बहुत ही खास जगह है। गर्मी के दिनों में भी यहां जल की प्रचुरता दिखाई पड़ती है। यहां लोगों के रुकने, घूमने, बैठने और खाने-पीने के इंतजाम के साथ-साथ अन्य जरुरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी। स्कूली बच्चे भी यहां आकर घूमेंगे। यहां तक पहुंचने को लेकर आवागमन की सुविधा और बेहतर की जायेगी। रास्ता के निर्माण ठीक ढंग से होने से यहां दूरदराज से आने वाले लोगों को सहूलियत होगी। यहां घूमने में लोगों को बहुत आनंद आयेगा।

देवब्रत की रिपोर्ट 

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