बाल संप्रेषण गृह में बाल बंदी ने की सुसाइड की कोशिश, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती

बाल संप्रेषण गृह में बाल बंदी ने की सुसाइड की कोशिश, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती

NEWS4NATION DESK : जुवेनाइल जेल में बंद एक 17 साल के नाबालिग कैदी द्वारा जहर खाकर जान देने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना के बाद बाल कैदी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी खतरे से बाहर बताई जा रही है। मामला झारखंड के धनबाद की है।  

बताया जा रहा कि 14 जुलाई को नाबालिग कैदी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था। शुक्रवार को अचानक उसने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की। जिसके बाद आनन-फानन में उसे धनबाद पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उसे अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। 

वहीं बाल कैदी ने बताया कि वह काफी टेंशन में था, इसलिए उसने जहर पीकर जान देने की कोशिश की। उसका कहना है कि एक नाबालिग लड़की के साथ उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। नाबालिग लड़की के परिजनों द्वारा केस करने के बाद उसे जेल हुआ है।

इधर लड़के के वकील अभिजीत कुमार साधु बताया कि यह लड़का एक नाबालिग लड़की के साथ 18 अप्रैल को घर से भाग गया था। लड़की के परिजनों द्वारा 15 मई को धनबाद न्यायालय में पोक्सो एक्ट के तहत सीपी वाद दायर किया गया था।

न्यायालय के निर्देश पर 7 जून को लड़का और उसके परिजनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।  प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लड़का और लड़की दोनों ने थाना में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद पुलिस के द्वारा लड़के को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया। 

जुवेनाइल कोर्ट की जज मंजू कुमारी के निर्देश पर लड़के को जुवेनाइल जेल भेज दिया गया। 15 जुलाई को स्पेशल मजिस्ट्रेट ऋतु कुजूर के समक्ष नाबालिग लड़की का 164 के तहत बयान दर्ज हुआ। वकील ने बताया कि लड़की ने अपनी मर्जी से लड़के के साथ जाने का बयान अदालत में दी है।

धनबाद से राजीव कुमार की रिपोर्ट

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