सीमांचल में तेजी से फैल रहा है चाइल्ड ट्रैफिकिंग का धंधा, कटिहार बन रहा है केंद्र

सीमांचल में तेजी से फैल रहा है चाइल्ड ट्रैफिकिंग का धंधा, कटिहार बन रहा है केंद्र

KATIHAR : चाइल्ड ट्रैफिकिंग का सेफ कॉरीडोर बनता जा रहा है सीमांचल के महत्वपूर्ण जंक्शन कटिहार दरसल बिहार के कटिहार,पूर्णिया,किशनगंज,अररिया जैसी इलाके में गरीबी और मजबूरी की बजह से लोग अपने बच्चों को चंद रुपए के लिए रोजगार के लिए परदेश भेज देते हैं, इसी का फायदा उठाते हुए इस इलाके में चाइल्ड ट्रैफिकर सक्रिय है हालांकि रेल पुलिस और चाइल्ड लाइन की सक्रियता से ऐसे गिरोह का लगातार उद्भेदन होता ही है मगर फिर भी बाल व्यापार इस इलाके के लिए अभिशाप बना हुआ है।

बिहार के सीमांचल का इलाका अक्सर गरीबी,बेरोजगारी और मजबूरी के लिए चर्चा में रहता है और इसी मजबूरी के फायदा उठाते हुए बाल व्यापार करने वाले चाइल्ड ट्रैफ़िकर भी अक्सर इस इलाके में सक्रिय रहता है, कटिहार रेल पुलिस के सहयोग से चाइल्डलाइन ने एक बार फिर सीमांचल के महत्वपूर्ण जंक्शन कटिहार से अन्य प्रदेशों में काम के लिए ले जा रहे बाल मजदूरों को कटिहार जंक्शन से रेस्क्यू किया है, बड़ी बात यह है इस बार बाल तस्करी करने बाले तीन दलाल भी पकड़े गए हैं, पकड़े गए दलाल भले ही अपने आप को बच्चों के दूर के रिश्तेदार बता रहे हैं मगर इस बात को कबूल रहे हैं इन बच्चों को वे लोग कढ़ाई (बुटीक) उद्योग में काम सिखाने के लिए ले जा रहे हैं और इस काम सीखने के एवज में बच्चों का भोजन, कपड़ा तो दिया ही जाता है साथ ही बच्चों के घर वालों को भी इसके लिए रुपया दिया जाता है, वही इस रैकेट के पूरे खुलासे के बाद कटिहार रेल थाना पहुंचे बच्चों के परिजनों ने कहा कि इस इलाके में काम की बहुत कमी है, ऐसे में रोजगार का संकट है और घर में आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए अपने जिगर के टुकड़ों को अन्य प्रदेशों में काम के लिए भेजना पड़ता है।

 वहीं चाइल्ड लाइन के अधिकारी कहते हैं कि वह लोग लगातार चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर रोक लगाने के लिए खासकर रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिसका परिणाम समय समय में सामने आते रहता है जहां तक करीबी रिश्तेदारों के द्वारा बच्चों को काम करवाने के लिए ले जाने के सवाल है तो यह भी पूरी तरह कानूनी अपराध है और इस पर हर हाल में रोक लगाए जाने की बात चाइल्ड लाइन के अधिकारी कह रहे हैं, उन्होंने साफ किया की गरीबी बेरोजगारी अलग विषय है लेकिन इसके लिए बच्चों को काम में नहीं लगाया जा सकता है, सरकार के तरफ से कई स्तर पर साफ किया जा चुका है।

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