नवादा से बच्चों को ले जाया जा रहा दूसरे राज्य, फिर करवायी जाती है मजदूरी

नवादा से बच्चों को ले जाया जा रहा दूसरे राज्य, फिर करवायी जाती है मजदूरी

नवादा. जिले के कई प्रखंडों में इन दिनों मानव तस्कर सक्रिय हैं, जो कम उम्र के बच्चों को बाल मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेश में भेजने में जुटे हैं। बाहरी ठेकेदार स्थानीय दलालों से संपर्क करके बच्चों को मजदूरी के लिए यूपी, राजस्थान, चेन्नई, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, केरल तथा कर्नाटक आदि राज्यों में ले जा रहे हैं। गरीबी के कारण लोग अपने बच्चों को दलालों के हाथों में सौंप रहे हैं।

इस बात का खुलासा तब हुआ जब सीवीसी सदस्यों के माध्यम से सहयोगी संस्था तटवासी समाज न्यास के कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन एवं चाइल्ड लाइन नवादा के आर्यन मोहन को इसकी जानकारी फोन के माध्यम से ग्रामीणों ने दी। दोनों संस्था ने टीम गठित कर बच्चों के अभिभावकों से जाकर मिला तथा काउंसलिंग की। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के कल्याणी कुमारी, अभय कुमार, दिलशाद तथा साहिल के द्वारा बच्चों के अभिभावकों के साथ रूपौ थाना पहुंचकर इसकी शिकायत की। नावाडीह गांव की गौरी देवी, दुलारी देवी, गिरिजा देवी, ललिता देवी, रेशमा देवी, सोनमा देवी, मन्त्री देवी तथा मन्ता देवी ने आवेदन देकर अपने बच्चों को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई है।

अभिभावकों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व दलाल उपेन्द्र मांझी बच्चों को बहला फुसला कर बाहर में काम कराने के नाम पर ले गया। साथ ही परिवार को पैसा भी देने का झांसा दिया। दलाल के झांसा में आकर 5 बच्चे एवं बाकी 19-20 के उम्र के लोग उसके साथ चले गये। लेकिन बच्चों के जाने के बाद फोन के माध्यम से जब परिजनों को सत्यता की जानकारी मिली, तो सभी रूपौ थाना पहुंचकर बच्चों की वापसी की गुहार लगाने लगे।

परिजनों ने बताया कि बच्चों से फोन पर हुई बातों में कहा गया कि दलाल ने चेन्नई के एक बिस्कुट फैक्ट्री में हम लोगों को छोड़कर यहां से भाग गया तथा हमलोगों के बदले में पैसा भी ले लिया है। साथ ही खाना भी नहीं मिल पा रहा है और मारपीट भी करते हैं। अभिभावकों ने इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन नवादा एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन को फोन के माध्यम से दी। इसके बाद उक्त संस्था के साथ बच्चों के परिजन रूपौ थाना पहुंचे और दलाल उपेन्द्र मांझी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

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