चौधरी जी अब आप स्पीकर हैं ! एक हफ्ते पहले ही अवध बिहारी चौधरी बन गये बिहार विस के अध्यक्ष, आज भी बोल रहे RJD नेता वाली भाषा

चौधरी जी अब आप स्पीकर हैं ! एक हफ्ते पहले ही अवध बिहारी चौधरी बन गये बिहार विस के अध्यक्ष, आज भी बोल रहे RJD नेता वाली भाषा

SIWAN : ऐसा लगता है कि बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी अब भी खुद को राजद का नेता मानते हैं। पद की गरिमा को भूल वह लगातार राजद के प्रवक्ता की भाषा बोलते हुए नजर आ रह हैं। एक सप्ताह पहले उन्होंने विधानसभा में यह शपथ ली थी कि वह इस पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद किसी पार्टी के लिए पक्षपात नहीं करेंगे। लेकिन लगातार वह राजद की तारीफ और भाजपा की बुराई करते हुए नजर आ रहे हैं। एक दिन पहले वह राजद के निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। अब वह सीवान में तेजस्वी यादव की तारीफ और भाजपा की जमकर बुराई करते हुए नजर आ रहे हैं। 

सीवान में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे विस अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि पहले की सरकार में विवि में वाइस चासंलर की नियुक्ति नहीं की जा रही थी, जिसके कारण पढ़ाई और शिक्षण सत्र का बेड़ागर्क हो गया था। लेकिन तेजस्वी यादव ने आते ही वाइस चांसलर की नियुक्ति की और शिक्षण सत्र को नियमित करने के निर्देश जारी किए। इस दौरान स्पीकर साहब पार्टी के किसी प्रवक्ता की तरह तेजस्वी यादव की दस लाख नौकरी दिए जाने की बात को दोहराते हुए कहा कि अब 10-20 लाख नहीं, उससे ज्यादा लोगों को नौकरी दी जाएगी। तेजस्वी यादव कमिटमेंट के पक्के आदमी हैं। तैयारी शुरू हो गई है। 

भाजपा को बताया RSS के लिए काम करनेवाला

विस अध्यक्ष ने कहा भाजपा जो है भाजपा नहीं है, उसके पीछे RSS हैं, उसका नक्शा और डिजाइन है, जो नागपुर संविधान से नियंत्रित होते हैं। भाजपा देश में बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का संविधान खत्म कर के नागपुरिया संविधान को लागू करना चाहती है। बीजेपी जो विलाप कर रही है उसमें कोई जान नही है। उनके साथ काम करोगे तो राजा हरिशचंद्र है। अगर उसने देखा कि तुम अच्छे काम नहीं कर रहे हो, समाजवादी लोगों के साथ चला गये, तो बीजेपी को बहुत खटक रहा है। लोग बीजेपी को समझ गए हैं।

दलीय राजनीति नहीं कर सकते स्पीकर

विधानसभा स्पीकर की पद की गरिमा होती है। संविधानिक रूप से इस पद पर बैठनेवाला व्यक्ति किसी भी दलीय राजनीति से अलग होता है। उसके लिए सत्ता पक्ष जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही महत्वपूर्ण विपक्ष होता है। दोनों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन बिहार में नए विस अध्यक्ष लगातार राजद के नेताओं की तरह बात करते हुए नजर आ रहे हैं। 

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