पारस एचएमआरआई में हुआ दुर्लभ बीमारी हाइड्रोसेफल्स का पहली बार इलाज, सिर का बढ़ जाता है आकार

पारस एचएमआरआई में हुआ दुर्लभ बीमारी हाइड्रोसेफल्स का पहली बार इलाज, सिर का बढ़ जाता है आकार

PATNA : बुधवार को पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, राजाबाजार पटना में ब्रेन की दुर्लभ बीमारी हाइड्रोसेफल्स की जटिल सर्जरी कर मरीज को राहत दिलायी गयी. बिहार-झारखंड में पहली बार इस तरह की सर्जरी की गयी है. ब्रेन के अंदर एक पानी जैसे पदार्थ का बहाव होते रहता है. किसी कारणवश इसके रूकने पर जो बीमारी पैदा होती है उसे हाइड्रोसेफाल्स कहा जाता है. 

आज हुए आपरेशन में 18 साल के एक बच्चे में जन्मजात यह बीमारी थी. इससे उसके सिर का आकार बड़ा हो गया था. चार-पांच महीने पहले से उसे सिरदर्द, चलने-फिरने में परेशानी, कम दिखाई देने की समस्या हो रही थी. उसे बार बार उल्टी भी हो रही थी. इस समस्या को दूर करने के लिए परिजन बच्चे को लेकर पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल आये थे. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. नासीब कमाली ने इंडोस्कोपी विधि से सर्जरी कर बच्चे को राहत दिलाई. ऑपरेशन के दो दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है.

डॉ. कमाली ने कहा कि ब्रेन में छेद कर दूरबीन डाला गया और उसके बाद पानी के बहाव के लिए रास्ता बनाया गया. इंडोस्कोपी विधि से किये गये इस ऑपरेशन में करीब दो घंटे लगे. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को इंडोस्कोपी थर्ड वेट्रीकलस्टॅमी कहा जाता है. 

डॉ. कमाली ने कहा कि यह ऑपरेशन देश में कुछ गिने-चुने स्थानों पर ही किया जाता है. इसके लिए विशेषज्ञ सर्जन के अलावा बहुत सारी चीजों की जरूरत पड़ती है जो पारस में उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी का सिर बढ़ने लगे और सिर में दर्द, चलने-फिरने में परेशानी, कम दिखाई दे और उल्टी हो तो उसे तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. 

यह हाइड्रोसेफाल्स की बीमारी हो सकती है. यह बीमारी जन्मजात भी होती है और कुछ में समय बढ़ने के साथ भी हो जाती है. डॉ. कमाली दूरबिन पद्धति से न्यूरो की सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर हैं. प्रेस वार्ता में उपस्थित डॉ. तलत हलीम (क्षेत्रीय निदेशक), डॉ. निरज, वारीस इमाम (महाप्रबंधक सेल्स) तथा पुनीत श्रीवास्तव (वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एण्ड मार्केटिंग) भी मौजूद थें.


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