पटना में अर्धसैनिक बलों के नाम पर करोडों के घपले की थी तैयारी, बिठाई गयी जांच

पटना में अर्धसैनिक बलों के नाम पर करोडों के घपले की थी तैयारी, बिठाई गयी जांच

PATNA. बिहार में घोटाला कोई नई बात नहीं है। अब तो कोरोना जांच में भी फर्जीवाड़े की बात सामने आ गई है। इस फर्जीवाड़े से बिहार की प्रतिष्ठा देश भर में धूमिल हुई है। सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि सभी विभागों में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा आम बात है। अब पटना में ही एक बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है।

विधानसभा चुनाव के दरम्यान केंद्रीय पुलिस बलों को ठहराने के नाम पर करोड़ों रुपए के वारा न्यारा की तैयारी थी, लेकिन समय रहते पकड़ लिया गया है। विधानसभा चुनाव 2020 में पटना आए अर्ध सैनिक बल के जवानों को ठहराने और खाने में 42 करोड़ रुपए का बिल बना था। खर्चा का बिल पटना डीएम टेबल तक पहुंची। यह बिल देखकर डीएम का दिमाग चकराया। इसके बाद वास्तविक बिल और खर्चे की जांच के लिए डीएम ने कमेटी बना दी।

जांच कमेटी ने 42 करोड़ के बिल को घटाकर 32 करोड़ के खर्चे का अनुमान व्यक्त किया और अपनी रिपोर्ट सौंप दी। लेकिन डीएम को 32 करोड़ का खर्च कहीं से जायज नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में  सुरक्षाबलों पर हुए खर्चे की फाइल देखी। लोकसभा चुनाव के दौरान करीब 50 कंपनी केंद्रीय बल आया था और खर्च हुआ था ढाई करोड़। 

विधानसभा चुनाव में उससे 4 गुना केंद्रीय बल पटना आया। इस हिसाब से खर्चे का अनुमान करीब ₹10 करोड़ हुआ। कोरोना बचाव से संबंधित खर्च को जोड़ दे तो कुल खर्च 12 करोड़ तक पहुंचता है। अब डीएम ने एक बार फिर से बिलों का सत्यापन शुरू करा दिया है। सभी ब्लॉक के BDO को सत्यापन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। डीएम द्वारा मामला पकड़ में आने के बाद हड़कंप मच गया है। इसके बाद अब ठेकेदार और अधिकारी सकते में आ गए हैं। इस मामले में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी भी शुरू हो गई है ।अब देखना होगा पूरे मामले में किन अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।


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